हल्द्वानी: फादर स्टेन की मौत पर भड़के जनवादी संगठन
हल्द्वानी, अमृत विचार। फादर स्टेन स्वामी को भाकपा(माले), अम्बेडकर मिशन, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, ऐक्टू, बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया, किसान महासभा, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, भीम आर्मी, मानवाधिकार संगठन, वामपंथी पार्टियों, सामाजिक जन संगठनों ने बुद्धपार्क हल्द्वानी में आयोजित ‘प्रतिवाद धरना’ के माध्यम से दो मिनट की मौन श्रद्धांजलि दी। और कहा कि उनकी मौत …
हल्द्वानी, अमृत विचार। फादर स्टेन स्वामी को भाकपा(माले), अम्बेडकर मिशन, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, ऐक्टू, बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया, किसान महासभा, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, भीम आर्मी, मानवाधिकार संगठन, वामपंथी पार्टियों, सामाजिक जन संगठनों ने बुद्धपार्क हल्द्वानी में आयोजित ‘प्रतिवाद धरना’ के माध्यम से दो मिनट की मौन श्रद्धांजलि दी। और कहा कि उनकी मौत न्यायिक हत्या है। मांग की कि फादर स्टेन की सांस्थानिक हत्या के जिम्मेदार सभी दोषियों को सजा दी जाए।
इस अवसर पर हुई सभा में वक्ताओं ने फादर स्टेन की मौत के लिए सीधे तौर पर मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया गया कि मोदी सरकार ने सुनियोजित साजिश रचकर एनआईए के जरिये उन्हें जेल में ही मार दिया। वक्ताओं ने यह भी कहा कि फादर स्टेन के साथ एनआईए के आक्रामक व्यवहार से इस अनहोनी की आशंका पहले से ही होने लगी थी। इसलिए कोरोना काल में भी महामारी प्रोटोकाल की धज्जियां उड़ाकर एनआईए की टीम ने 84 वर्षीय बीमार फादर स्टेन को जबरन मुंबई स्थित तलोजा जेल में कैद कर अपनी मंशा जाहिर कर दी थी।
वक्ताओं ने कहा कि, फादर स्टेन की जमानत की सुनवाई ने भारतीय न्याय व्यवस्था में गिरावट के नये प्रतिमान दर्ज कर दिए हैं। इस दौरान डॉ संजय शर्मा, केके बोरा, जीआर टम्टा, बहादुर सिंह जंगी, मोहन मटियाली, डॉ. कैलाश पाण्डेय, जीवन प्रकाश, नीता, अमित कुमार, लक्ष्मी नारायण, आरती, सुंदर लाल बौद्ध, बाल किशन, आर पी गंगोला, राजेन्द्र कोटियाल, ललित मटियाली, सुरेश मुरारी, एनडी जोशी, गोपाल सिंह, देवेन्द्र रौतेला, कमल जोशी, हरीश भंडारी, धीरज कुमार, मोहन लाल आर्य, शिव सिंह आदि शामिल रहे।
