बागेश्वर: जिपं अध्यक्ष के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराएंगे आंदोलित सदस्य
बागेश्वर, अमृत विचार। जिला पंचायत उपाध्यक्ष नवीन परिहार ने जिला पंचायत अध्यक्ष पर पंचायती राज एक्ट में छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि गत दिनों उन्होंने जो एक्ट उन्हें दिया था वह पूरी तरह फर्जी था। एक्ट में छेड़छाड़ कर उन्हें गुमराह करने का काम किया है। इसके लिए अध्यक्ष को सार्वजनिक तौर …
बागेश्वर, अमृत विचार। जिला पंचायत उपाध्यक्ष नवीन परिहार ने जिला पंचायत अध्यक्ष पर पंचायती राज एक्ट में छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि गत दिनों उन्होंने जो एक्ट उन्हें दिया था वह पूरी तरह फर्जी था। एक्ट में छेड़छाड़ कर उन्हें गुमराह करने का काम किया है। इसके लिए अध्यक्ष को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए। यदि वह ऐसा नहीं करतीं हैं तो उनके खिलाफ सोमवार को 420 का मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
आंदोलन स्थल पर गुरुवार को पत्रकार वार्ता में उन्होंने यह बात कही। उन्होंने कहा कि उन्हें सत्यापित एक्ट की कॉपी मिल गई है। यह वही कॉपी है जिसकी बात आंदोलनकारी सदस्य कर रहे थे। जिपं अध्यक्ष ने जो एक्ट की कॉपी उन्हें दी उसमें नियोजन समिति का कार्यकाल दो साल दर्शाया गया था, जबकि वास्तविक एक्ट में स्पष्ट है कि सदन में जो प्रस्ताव पास होगा उसी पर अमल होगा।
उनकी नियोजन समिति का एक साल का कार्यकाल छह जनवरी को समाप्त हो गया है। इसके बाद अध्यक्ष ने गलत तरीके से बजट आवंटन किया है। इसी के विरोध में सदस्य आंदोलन पर बैठे हैं। अध्यक्ष उनकी बात सुनने के बजाए उन्हें एक्ट ही गलत थमा गईं। जब उन्होंने उस एक्ट को पढ़ने के लिए अपने पास रखा तो वह उसे छीनकर ले गईं। यह कहकर ले गई कि यह उनकी पर्सनल है। उन्हें फोटो स्टेट कॉपी देंगी। अब सदस्य सोमवार को मामले में रिपोर्ट दर्ज कराएंगे।
पंचायती एक्ट में कोई छेड़छाड़ नहीं की है। उत्तराखंड सरकार की वेबसाइट से उसे निकाला है। उसमें नियोजन समिति का कार्यकाल दो साल का दर्शाया गया है। जो एक्ट सदस्य दिखा रहे हैं उसमें कोई समय सीमा नहीं है।
– बसंती देव, अध्यक्ष जिला पंचायत बागेश्वर।
