बरेली: प्रयोगात्मक परीक्षा में 15 टास्क स्वयं तैयार कर हल करेंगे छात्र
बरेली, अमृत विचार। कोरोना के चलते एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने द्वितीय व तृतीय वर्ष के छात्रों को प्रयोगात्मक और मौखिकी परीक्षा में काफी राहत दी है। पहली बार ओपन बुक सिस्टम आधार पर प्रयोगात्मक व मौखिकी परीक्षाएं आयोजित कराई जाएंगी। इसके तहत छात्रों को होम असाइमेंट भी दिए जाएंगे। परीक्षाओं का मूल्यांकन लैब या कक्षा में …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना के चलते एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने द्वितीय व तृतीय वर्ष के छात्रों को प्रयोगात्मक और मौखिकी परीक्षा में काफी राहत दी है। पहली बार ओपन बुक सिस्टम आधार पर प्रयोगात्मक व मौखिकी परीक्षाएं आयोजित कराई जाएंगी। इसके तहत छात्रों को होम असाइमेंट भी दिए जाएंगे। परीक्षाओं का मूल्यांकन लैब या कक्षा में उपस्थिति और असाइनमेंट के आधार पर किया जाएगा।
30 फीसदी अंक महाविद्यालय द्वारा प्रयोगशाला रिकॉर्ड, उपस्थिति व अन्य के आधार पर दिए जाएंगे। 70 फीसदी अंक ओपन बुक सिस्टम से आयोजित किए जाने वाले असाइनमेंट के आधार पर दिए जाएंगे। असाइनमेंट में 15 प्रश्न महाविद्यालय तैयार करेगा और 15 टास्क यानी प्रश्न छात्रों को खुद तैयार कर हल करने होंगे। होम असाइनमेंट के लिए 24 घंटे का समय दिया जाएगा। प्रयोगात्मक परीक्षाओं का प्रारूप विश्वविद्यालय ने शुक्रवार को वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है।
प्रत्येक प्रयोगात्मक विषय के लिए एक मॉडल टेंपेलेट तैयार किया गया है। इस मॉडल के तहत प्रयोगशाला परीक्षा के विकल्प के तौर पर असाइनमेंट दिया जाएगा। छात्रों द्वारा नियमित प्रयोगशाला में किए गए पाठ्यक्रम और प्रयोगों के आधार पर तीन होम असाइनमेंट दिए जाएंगे। इन असाइनमेंट को दो भागों में बांटा जाएगा। दोनों भाग के 15-15 टास्क दिए जाएंगे।
भाग ए के 15 टास्क महाविद्यालय द्वारा और भाग बी के 15 टास्क छात्र-छात्राओं द्वारा ही तैयार किए जाएंगे। छात्रों को टास्क तैयार कर उत्तर भी खुद लिखने होंगे। इस तरह के टास्क का मकसद है कि छात्र पूरे पाठ्यक्रम से अवगत हो जाए और उन्हें विषय का ज्ञान हो जाए। असाइनमेंट का टेंपलेट महाविद्यालयों को उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसी आधार पर महाविद्यालय असाइनमेंट तैयार करेंगे। असाइनमेंट की प्रतियां तैयार कर छात्रों को ऑनलाइन या ऑफलाइन उपलब्ध कराई जाएंगी।
हस्तलिखित होना चाहिए असाइनमेंट
छात्रों को असाइनमेंट के लिए नाम, रोल नंबर व महाविद्यालय का नाम लिखना होगा। सिर्फ भाग ए के टास्क ही महाविद्यालय द्वारा उपलब्ध कराये जाएंगे। छात्रों को कोई उत्तर पुस्तिका उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। छात्रों को दोनों असाइनमेंट 24 घंटे में महाविद्यालयों को उपलब्ध कराने होंगे। असाइनमेंट स्वयं छात्र-छात्रा द्वारा हस्तलिखित होने चाहिए। महाविद्यालय को भी असाइनमेंट जमा होने के 24 घंटे के अंदर मूल्यांकन करना होगा। उसके बाद अंक विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड करने होंगे।
विश्वविद्यालय देख सकता है मूल्यांकन
छात्रों के असाइनमेंट का मूल्यांकन विश्वविद्यालय द्वारा भी किया जा सकता है। छात्रों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वह अपनी भाषा में ही उत्तर दें। यदि उत्तर पुस्तिकाओं में भाषा के आधार पर नकल या समानता पाई जाएगी तो महाविद्यालय द्वारा इसका ध्यान रखते हुए ही अंक देने होंगे।
ऐसे तैयार होंगे असाइनमेंट
असाइनमेंट टास्क संबंधित प्रयोगों, पाठ्यक्रम के सिद्धांतों, उद्देश्य, क्रियाविधि, सावधानियों, वायवा के आधार पर होंगे। जिसमें 5 टास्क एमसीक्यू (बहुविकल्पीय), एक पंक्ति पर आधारित पांच टास्क, दो से चार लाइन के उत्तर पर आधारित पांच टास्क होंगे। यदि किसी प्रयोगात्मक परीक्षा में अधिकतम अंक 100 हैं तो 70 फीसदी के आधार पर 70 अंक के असाइनमेंट होंगे। भाग एक में एक अंक प्रति टास्क के आधार पर पांच अंक एमसीक्यू, 2 अंक प्रति पंक्ति के आधार पर पांच टास्क के 10 अंक और दो से चार लाइन के उत्तर के आधार पर प्रति टास्क चार अंक के आधार पर 20 अंक होंगे। इसी तरह से भाग बी के भी अंक होंगे।
वायवा का मूल्यांकन ऐसे होगा
जिन पाठ्यक्रमों में वायवा आवश्यक है, उनमें मौखिकी परीक्षा के अंक देने की प्रक्रिया भी अलग बनाई गई है। इसके लिए छात्रों की कक्षा में नियमित उपस्थिति, कर्त्वयनिष्ठा, आचरण, शैक्षणिक क्रियाकलापों के आधार पर 30 फीसदी अंक दिए जाएंगे। इसके अलावा 70 फीसदी अंक प्रयोगात्मक परीक्षाओं के आधार पर ओपन बुक सिस्टम के तहत ही निर्धारित किए जाएंगे।
