हल्द्वानी: ट्रक की चपेट में आने से शहर के प्रतिष्ठित व्यापारी की मौत
हल्द्वानी, अमृत विचार। तिकोनिया चौराहे के पास ट्रक ने स्कूटी सवार स्टैंडर्ड स्वीट्स के मालिक दिनेश कुमार गुप्ता को टक्कर मार दी। हादसे में सिर पर चोट के कारण कारोबारी की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है। सिविल लाइंस में सौरभ होटल के पास रहने वाले …
हल्द्वानी, अमृत विचार। तिकोनिया चौराहे के पास ट्रक ने स्कूटी सवार स्टैंडर्ड स्वीट्स के मालिक दिनेश कुमार गुप्ता को टक्कर मार दी। हादसे में सिर पर चोट के कारण कारोबारी की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है।
सिविल लाइंस में सौरभ होटल के पास रहने वाले दिनेश कुमार गुप्ता (62) पुत्र स्व. रामकिशन गुप्ता सोमवार सुबह छह बजे घर से प्रतिष्ठान खोलने निकले थे। तभी तिकोनिया चौराहे के पास काठगोदाम से हल्द्वानी की ओर आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटी सवार व्यवसाई को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कूटी दूर जा गिरी। व्यवसाई ट्रक के पहिए की चपेट में आ गए। इस दर्दनाक हादसे में व्यवसाई की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद चौराहे पर राहगीरों की भीड़ लग गई।
मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस को हादसे की सूचना दी और चालक को पकड़कर कोतवाली ले गए। पुलिस ने मौके से शव कब्जे में लेकर मोर्चुरी भेजा और परिजनों को हादसे की सूचना दी। पोस्टमॉर्टम के दौरान सिर में गंभीर चोट मिली। हेड इंजुरी को मौत का कारण माना जा रहा है। इधर, कोतवाल मनोज रतूड़ी ने बताया कि तरेंद्र सिंह निवासी बागेश्वर को गिरफ्तार कर लिया गया है। मौके से वाहन भी कब्जे में ले लिए हैं।
दिनेश के नेत्रदान से रोशन होंगी दो आंखें
व्यवसाई दिनेश के नेत्रदान से दो लोगों की आंखें रोशन होंगी। उनके निधन के बाद इच्छानुसार नेत्रदान किया गया। मिठाई व्यवसाई दिनेश ने नेत्रदान का संकल्प लिया था। उन्होंने घरवालों के सामने भी यह इच्छा जताई थी। उनकी इच्छा के कारण पोस्टमॉर्टम के बाद नेत्रदान किया गया। इसके लिए मुरादाबाद आई बैंक से नेत्र सर्जन और टीम आई थी।
अपने स्वभाव के चलते शहर भर में थे मशहूर
स्टैंडर्ड स्वीट्स के मालिक दिनेश गुप्ता अपने स्वभाव के चलते शहर भर में मशहूर थे। उनके घरवाले और साथी प्यार से उन्हें दीनू कहकर बुलाते थे। वह सरल, मृदुभाषी, मिलनसार थे। अपने प्रतिष्ठान में आने वाले ग्राहकों का बेहद गर्मजोशी से स्वागत करते थे। शहर के कई युवाओं से लेकर हमउम्र लोगों तक उनकी अच्छी जान पहचान थी। तमाम लोग उनके विनोदी स्वभाव के भी मुरीद थे।
10 मिनट तक सड़क पर पड़ा रहा प्रतिष्ठित व्यवसाई का शव
हादसे के बाद शहर के प्रतिष्ठित मिठाई कारोबारी का शव 10 मिनट तक सड़क पर लावारिस पड़ा रहा। उनकी पहचान नहीं हो पाई थी। इससे पहले उनका चेहरा कपड़े से ढक दिया गया। बाद में उनकी पहचान शहर के प्रतिष्ठित मिठाई कारोबारी के रूप में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने चेहरा कपड़े से ढक दिया था। उस समय तक मौके पर मौजूद लोगों को पता नहीं था कि मृतक शहर के प्रतिष्ठित कारोबारी थे।
मुक्तिधाम में दी व्यवसाई दिनेश को अंतिम विदाई
मिठाई कारोबारी दिनेश का परिवार सौरभ होटल के पास रहता है। उनके साथ बड़े भाई गोपाल गुप्ता और छोटे भाई प्रेम गुप्ता का परिवार भी रहता है। हादसे के आधा घंटा बाद परिजनों को इसकी सूचना मिली। इसका पता चलने पर घर में कोहराम मच गया। दिनेश और उनकी धर्मपत्नी मीरा की तीन संतान हैं। बेटा मोहित कारोबार में हाथ बंटाता है। बड़ी बेटी आंचल की लखनऊ में शादी हो चुकी है। छोटी बेटी अक्षिता दिल्ली में जॉब करती है। आंचल इन दिनों यहां आई है। पिता के निधन की सूचना मिलने के बाद दूसरी बेटी भी घर पहुंच गई। बड़ी संख्या में गणमान्य, व्यापारी और सामाजिक संगठनों के लोग शोक जताने मोर्चुरी और इसके बाद घर पहुंचे। शाम सवा पांच बजे आवास से शवयात्रा निकाली गई।
इसके बाद राजपुरा मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया गया। बेटे मोहित ने मुखाग्नि दी। शहर के कई गणमान्य, व्यापारी नेता और सामाजिक संगठनों के लोग शोक जताने और अंतिम विदाई देने पहुंचे। इस मौके पर मेयर डॉ जोगेंद्र सिंह पाल, कांग्रेस नेता सुमित ह्रदयेश, खजान पांडे, मोहन पाल, व्यापारी नेता गोविंद बगडवाल, गोपाल पाल, तारा ठाकुर, अब्दुल कवी आदि थे। इधर, देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने निधन पर शोक जताया है। इस मौके पर संस्थापक अध्यक्ष हुकुम सिंह कुंवर, अनिल खंडेलवाल, राजकुमार केसरवानी, जगमोहन चिलवाल, घनश्याम वर्मा, अजय कृष्ण गोयल, राकेश बेलवाल, जाकिर हुसैन, अतुल गुप्ता, जीवन कार्की, जगजीत सिंह चड्ढा, राजकुमार नेगी, विनोद दानी आदि थे।
