मुरादाबाद : अनलॉक के बाद फिर बढ़ा वायु प्रदूषण, वाहनों की बढ़ती अधिकता, फैक्ट्रियों से निकल रहे धुएं ने बढ़ाया ग्राफ
मुरादाबाद, अमृत विचार। लाकडाउन समाप्त होने के 43 दिन बाद वायु प्रदूषण में भारी इजाफा देखने को मिला है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से लगाए गए एअर क्वालिटी मॉनिटरिंग सेंसर शहर की हवा को खराब बता रहे हैं। एक्यूआई 230 माइक्रोग्राम घनमीटर को पार कर गया है। स्वास्थ्य के लिए शहर के अधिकांश चौराहों …
मुरादाबाद, अमृत विचार। लाकडाउन समाप्त होने के 43 दिन बाद वायु प्रदूषण में भारी इजाफा देखने को मिला है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से लगाए गए एअर क्वालिटी मॉनिटरिंग सेंसर शहर की हवा को खराब बता रहे हैं। एक्यूआई 230 माइक्रोग्राम घनमीटर को पार कर गया है। स्वास्थ्य के लिए शहर के अधिकांश चौराहों की आबोहवा सही नहीं है। सबसे अधिक प्रदूषित जगह में डबल फाटक, पीलीकोठी, हनुमान मूर्ति चौराहा शामिल है।
कोरोना के बढ़ते प्रकोप के कारण लाकडाउन लगाया गया तो शहर का पर्यावरण शुद्ध हो गया था। क्योंकि सड़कों पर वाहनों का जमावड़ा न होने के साथ ही फैक्ट्री व अन्य कारखाने बंद पड़े थे। ऐसे में वायु प्रदूषण अनलाक से पहले बेहतर स्थिति में था। वाहनों की आवाजाही कम होने, कॉमर्शियल एवं निर्माण की गतिविधियों पर रोक लगी थी।
लेकिन, एक जून के बाद से लाकडाउन धीरे-धीरे समाप्त कर दिया गया। इसके बाद पहले की तरह वाहन संचालित हो रहे और निर्माण कार्य भी चल रहे हैं। बारिश न होने के कारण सड़क किनारे से उड़ने वाली धूल, निर्माण स्थलों से निकलने वाले बारीक पार्टिकल्स व सड़कों पर वाहनों के धुएं से वायु प्रदूषण में भारी इजाफा हो रहा है।
वाहनों से निकलने वाले धुएं से हवा की गुणवत्ता जहरीली होती जा रही है। जुलाई माह में शहर में पीएम 10 की मात्रा 200 से 230 माइक्रो ग्राम घनमीटर के आस-पास पहुंच गई है। अलग-अलग चौराहों की रिपोर्ट अलग है। जबकि लाकडाउन से पहले वायु प्रदूषण का 100 से 110 माइक्रो ग्राम घनमीटर रिकॉर्ड किया गया था। लेकिन, अनलाक होने के 43 दिन बाद महानगर का पर्यावरण फिर से गड़बड़ा गया है।
डबल फाटक, पीलीकोठी, हनुमान मूर्ति अधिक प्रदूषित
शहर के व्यस्ततम चौराहों की बात करें तो डबल फाटक, पीलीकोठी, हनुमान मूर्ति पर सबसे अधिक वाहनों की भीड़ रहती हैं। ऐसे में यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) की हालत ज्यादा खराब है। डबल फाटक की एक्यूआई 230 तक पहुंच गया है। वहां पर वाहनों का अधिक दबाव आस-पास से धूल आने के कारण पीएम 10 की मात्रा अधिक रहती है। इसी तरह से पीलीकोठी में 210 माइक्रोग्राम घनमीटर पीएम 10 की मात्रा है। जबकि शहर के हनुमान मूर्ति चौराहे पर हवा की गुणवत्ता अच्छी नहीं है। यहां एक्यूआई 225 पहुंच गया है।
नहीं हो रहा पालन
शहर में पुराने व अनफिट वाहन छोड़ रहे धुआं
निर्माण सामग्री सड़क किनारे नहीं डलनी चाहिए
बालू, मोरंग, मिट्टी व अन्य सामग्री पर नहीं हो रहा छिड़काव
निर्माणाधीन बिल्डिंगों को ग्रीन नेट से नहीं ढक रहे लोग
सड़क किनारे कूड़ा जलाने पर नहीं लग रहा प्रतिबंध
सड़कों के किनारे छिड़काव का बंद हो गया काम
क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड विकास मिश्रा ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण पीएम 10 में इजाफा हुआ है। वाहनों का दबाव भी बढ़ रहा है। बारिश होने के बाद पीएम 10 की मात्रा में गिरावट आएगी। जून से पहले तक शहर की आबोहवा सही थी। पिछले कुछ दिनों से वायु गुणवत्ता में परिवर्तन देखने को मिला है।
