अल्मोड़ा: मरचूला में बहे पिता-पुत्र की तलाश में छानी रामगंगा नदी
फोटो : 13 एएलएमपी 7 – रामगंगा नदी के किनारे सर्च अभियान चलाते रेस्क्यू टीम के सदस्य। अमृत विचार, अल्मोड़ा, अमृत विचार। रामगंगा नदी में बहे पिता-पुत्र की खोज में घंटों रामगंगा में डुबकियां लगाने और राफ्टिंग के जरिए उन्हें ढूंढऩे के गोताखोरों के प्रयास कोई रंग नहीं ला पाए हैं। घटना के तीसरे दिन …
फोटो : 13 एएलएमपी 7 – रामगंगा नदी के किनारे सर्च अभियान चलाते रेस्क्यू टीम के सदस्य।
अमृत विचार, अल्मोड़ा, अमृत विचार। रामगंगा नदी में बहे पिता-पुत्र की खोज में घंटों रामगंगा में डुबकियां लगाने और राफ्टिंग के जरिए उन्हें ढूंढऩे के गोताखोरों के प्रयास कोई रंग नहीं ला पाए हैं। घटना के तीसरे दिन भी मुरादाबाद निवासी पिता पुत्र का रेस्क्यू टीम को कोई सुराग नहीं मिल पाया है। जिस कारण अब उनके परिजन भी काफी परेशान हैं।
रविवार को कार्बेट नेशनल पार्क घूमने आए मुरादाबाद निवासी राजेश कुमार और उनका आठ वर्ष का बेटा कार्मिक रामगंगा नदी के उफान की चपेट में आ गए था। नदी में डूबने के बाद उन्हें बचाने के लिए यहां रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। लेकिन स्थानीय प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों के 55 घंटे सर्च अभियान के बाद भी उनका कोई पता नहीं चल सका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष धीरेंद्र पंत, एसडीएम शिप्रा जोशी भी रेस्क्यू अभियान को देखते हुए मरचूला में ही डेरा जमाए हुए हैं। लेकिन तीसरे दिन भी कड़े रेस्क्यू के बाद उनका पता न चलने से रेस्क्यू टीमों की चुनौती भी बढ़ती जा रही है।
परिजनों का पथराने लगी आंखें
अल्मोड़ा-रामगंगा नदी में राजेश और उसके बेटे कार्मिक के डूबने की खबर जैसे ही मुरादाबाद व अन्य शहरों में रह रहे उनके परिजनों को मिली तो वह उसी दिन उनके कुशलता से मिलने की उम्मीद को लेकर मरचूला पहुंच गए थे। लेकिन तीन दिन बीत जाने के बाद उनकी कोई खबर नहीं मिलने से अब उनकी आंखें भी पथराने लगी हैं।
रेस्क्यू टीम ने बदली रणनीति
रामगंगा नदी में तीन दिनों के सर्च अभियान के बाद भी कोई सफलता न मिलने के बाद अब रेस्क्यू टीम ने अपनी रणनीति बदल दी है। अब रेस्क्यू टीम नदी किनारे पैदल सर्च अभियान चलाने का निर्णय लिया है। दरअसल पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण रामगंगा नदी उफान पर है और नदी के पानी का रंग भी मटमैला हो गया है। जिस कारण रेस्क्यू टीमों को और अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कालागढ़ डैम के अधिकारियों से भी संपर्क
रामगंगा नदी के काफी बड़े क्षेत्र में रेस्क्यू चलाने के बाद भी कोई सफलता न मिलने के बाद अब रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने कालागड़ डैम के अधिकारियों से भी संपर्क साधना शुरू कर दिया है। रेस्क्यू टीम यह मानकर भी चल रही है कि कहीं पानी के तेज बहाव के कारण दोनों पिता पुत्र बहते हुए कहीं दूर ना पहुंच गए हों।
