अल्मोड़ा: ग्राम प्रधानों के पक्ष में उतरे पूर्व विधायक…

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अल्मोड़ा, अमृत विचार। ग्राम प्रधान जनता द्वारा चुना हुआ प्रतिनिधि होता है। कोरोना काल में प्रधानों ने अपनी जान की परवाह ना करते हुए अपने अपने क्षेत्र की जनता के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं। लेकिन प्रदेश सरकार प्रधानों को प्रोत्साहन देने के बजाय उनकी उपेक्षा कर रही है। जिसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं …

अल्मोड़ा, अमृत विचार। ग्राम प्रधान जनता द्वारा चुना हुआ प्रतिनिधि होता है। कोरोना काल में प्रधानों ने अपनी जान की परवाह ना करते हुए अपने अपने क्षेत्र की जनता के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं। लेकिन प्रदेश सरकार प्रधानों को प्रोत्साहन देने के बजाय उनकी उपेक्षा कर रही है। जिसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यह बात अल्मोड़ा के पूर्व विधायक मनोज तिवारी ने ग्राम प्रधानों द्वारा किए जा रहे आंदोलन को समर्थन देते हुए कही है। उन्होंने कहा है कि ग्राम प्रधान संगठन लंबे समय से सीएससी सेंटरों को दी जा रही धनराशि को बंद किए जाने, ग्राम प्रधानों को वेतन और पेंशन दिए जाने, ग्राम्य विकास और पंचायती राज विभाग का एकीकरण किए जाने, जेई और डाटा ऑपरेटरों की पंचायतों में तैनाती किए जाने, आवास योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को योजना का लाभ दिलाए जाने, कोरोना के चलते ग्राम पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाए जाने समेत अनेक मांगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। जो जायज है और सरकार को उन्हें अविलंब मान लेना चाहिए।

लेकिन सरकार ग्राम प्रधानों की उपेक्षा कर उनके सब्र का इम्तिहान ले रही है। तिवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ग्राम प्रधानों के आंदोलन का समर्थन करती है और जब तक सरकार उनकी मांग नहीं मानेगी तब तक ग्राम प्रधानों का यह आंदोलन जारी रहेगा। जिसमें कांग्रेस पार्टी उनका पूरा पूरा साथ देगी।

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