हल्द्वानी: सरकार पर कर्मियों की सुध न लेने का आरोप, प्रदर्शनकारियों-पुलिस में हुई नोकझोंक
हल्द्वानी, अमृत विचार। 14 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलित सफाई कर्मियों ने शुक्रवार को शहरी विकास मंत्री बंधीधर भगत के आवास पर प्रदर्शन किया। मंत्री से मिलने नहीं देने पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। बाद में कैबिनेट मंत्री और कर्मचारी नेताओं के बीच हुई वार्ता में 21 जुलाई को मुख्यमंत्री से वार्ता …
हल्द्वानी, अमृत विचार। 14 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलित सफाई कर्मियों ने शुक्रवार को शहरी विकास मंत्री बंधीधर भगत के आवास पर प्रदर्शन किया। मंत्री से मिलने नहीं देने पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। बाद में कैबिनेट मंत्री और कर्मचारी नेताओं के बीच हुई वार्ता में 21 जुलाई को मुख्यमंत्री से वार्ता कराने के आश्वासन पर सहमति बनी।
उत्तरांचल स्वच्छकार कर्मचारी संघ के बैनर तले नगर निगम के सफई कर्मी नगर निगम से जुलूस की शक्ल में ऊंचापुल पर पहुंचे। पूर्व घोषित घेराव को देखते हुए पहले से ही पुलिस-प्रशासन ने कैबिनेट मंत्री के आवास की तरफ जाने वाले रास्तों पर बैरीकेडिंग कर दी थी। एसडीएम मनीष सिंह और एसपी सिटी डॉ. जगदीश चंद्र ने सफाईकर्मियों को आवास से पहले ही रोककर समझाने का प्रयास किया। लेकिन सफाई कर्मी मंत्री से मिलने पर अड़े रहे। बाद में कैबिनेट मंत्री ने सफाई कर्मियों को शांतिपूर्ण बातचीत के लिए बुलाया।
20 को बैठक, 21 को मुलाकात
कैबिनेट मंत्री ने राज्य सफाई आयोग उपाध्यक्ष अजय राजौर की मौजूदगी में कर्मचारी यूनियन के नेताओं से वार्ता की। उन्होंने कर्मचारी नेताओं की समस्याओं के निस्तारण के लिए हरसंभव प्रयास का भरोसा दिलाया। कहा कि सफाई कर्मियों की समस्याओं और मांगों पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराएंगे। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि 20 जुलाई को देहरादून में सफाई कर्मियों के प्रतिनिधिमंडल और शहरी विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक होगी। जबकि 21 जुलाई को मुख्यमंत्री से वार्ता होगी। इस दौरान समस्याओं पर निस्तारण के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। कैबिनेट मंत्री के आश्वासन पर सफाई कर्मी मान गए। इस मौके पर सफाई यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राम अवतार राजौर ने कहा कि सरकार ने मांगों के निस्तारण को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है।
सफाई यूनियन से भेदभाव पर सवाल
हल्द्वानी। उक्रांद ने सफाईकर्मियों के आंदोलन के दौरान हुए भेदभाव पर सवाल उठाया है। महानगर अध्यक्ष रवि वाल्मीकि ने कहा कि शुक्रवार को सफाई कर्मचारियों की यूनियन को बातचीत के लिए बुलाया गया। लेकिन पिछले दिन आंदोलन कर रहे दूसरे संगठन को मंत्री के आवास के पास फटकने भी नहीं दिया गया। उन्होंने मंत्री द्वारा कर्मचारी यूनियन के साथ सौतेले व्यवहार पर सवाल उठाए। कहा कि मंत्री को दोनों संगठनों की बात सुननी चाहिए थी। यह प्रकरण भाजपा सरकार की दोहरी चाल और चरित्र को दर्शाता है।
