बरेली: नगर निगम के करों पर सौ फीसदी ब्याज माफी लागू कराने की पैरवी
बरेली, अमृत विचार। कोरोना से बिगड़ी आर्थिक स्थिति को देख शहर के लोगों को नगर निगम के करों में और ज्यादा राहत दिलाने की पहल शुरू हो गयी है। शुक्रवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद संतोष गंगवार, शहर विधायक डा. अरुण कुमार के नेतृत्व में तमाम भाजपा नेता, पार्षद नगर निगम पहुंचे और मेयर …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना से बिगड़ी आर्थिक स्थिति को देख शहर के लोगों को नगर निगम के करों में और ज्यादा राहत दिलाने की पहल शुरू हो गयी है। शुक्रवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद संतोष गंगवार, शहर विधायक डा. अरुण कुमार के नेतृत्व में तमाम भाजपा नेता, पार्षद नगर निगम पहुंचे और मेयर से मुलाकात की। उन्होंने मेयर से मिलकर एकमुश्त समाधान योजना लागू करने और ब्याज की धनराशि को माफ करने की पैरवी की। सांसद, विधायक और भाजपा नेताओं की मांग पर मेयर डा. उमेश गौतम ने नगर आयुक्त को चिट्ठी लिखकर बोर्ड की बैठक जल्द बुलाने के लिए कहा है।
हर साल 50 से 60 करोड़ रुपये मिलता राजस्व
नगर निगम के क्षेत्र में आने वाले करीब डेढ़ लाख करदाताओं से करीब 50 से 60 करोड़ रुपये हर साल राजस्व के तौर पर मिलता है। पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार और शहर विधायक डा. अरुण कुमार ने मेयर डा. उमेश गौतम से मुलाकात करके नगर निगम से जारी गृहकर, जलकर और सीवर कर के लंबित भुगतानों पर लगे ब्याज को माफ करने की पुरजोर मांग रखी। मेयर ने भी मामले में सहमति जताई है।
10 हजार करदाताओं पर ब्याज पर ब्याज
मेयर डा. उमेश गौतम ने बताया कि ऐसे करीब 10 हजार करदाता हैं, जिन पर ब्याज पर ब्याज लगा है। ऐसे करदाताओं को राहत दिलाने के लिए नगर आयुक्त अभिषेक आनंद को चिट्ठी लिखी है। गृहकर के बिल पर लगे ब्याज को माफ करने के लिए शासन तक प्रस्ताव भेजने की जरूरत नहीं रहेगी। लोकसभा सत्र खत्म होने के बाद नगर निगम की बैठक बुलाई जाएगी। नगर निगम अगर यह कदम उठाता है तो शहर के हजारों करदताओं को इससे बड़ी राहत मिल जाएगी।

टैक्स कम करने के लिए लड़ती रही है संघर्ष समिति
नगर निगम टैक्स सुधार जनहित संघर्ष समिति के अध्यक्ष सतीश रोहतगी का कहना है कि टैक्स की बकाया दरों पर 12 प्रतिशत साधारण ब्याज लगाने का प्रावधान है, लेकिन नगर निगम ब्याज को टैक्स में जोड़कर ब्याज पर ब्याज लगा रहा है। जिसके कारण करदाताओं को परेशानी हो रही है। वर्ष 2014 अप्रैल में नगर निगम ने टैक्स की पुरानी दरें संशोधित करके नई दरें लागू की थीं। इसमें करदाताओं के पुराने टैक्स बिलों में 10 से 25 गुना तक बढ़ोत्तरी हो गई थी। उस समय यह 3.50 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से थी। जिसे बोर्ड के विरोध के बाद भी लागू किया गया था।
नई दरें वर्ष 2015- 16 में हुई थी लागू
वर्ष 2015- 16 में नई दरें लाई गईं। इसमें 25 फीसदी की कमी की गई और दर 2.80 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से लागू की गई। इस समय इसी दर से वसूली हो रही थी। इसी बीच टैक्स विरोधी संघर्ष समिति हाईकोर्ट चली गई थी। कोर्ट ने वर्तमान दरों को रद करके नई दरें बनाने को कहा था। निगम ने वर्ष 2015 के पहले लागू दरों के हिसाब से टैक्स लेना शुरू कर दिया था। टैक्स की दरें सर्किल रेट के आधार पर सही तरीके से निर्धारित कर वर्तमान दरों को कम करने की मांग की थी।
नगर निगम टैक्स सुधार जनहित संघर्ष समिति की तरफ से दिए गए पत्र पर मेयर को चिट्ठी लिखकर नगर निगम के टैक्स बिलों पर ब्याज पर ब्याज पर रोक लगाए जाने व सौ प्रतिशत ब्याज माफी योजना लागू कराने के लिए कहा गया है। -संतोष गंगवार, पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद
पूर्व केंद्रीय मंत्री व विधायक और पार्टी पदाधिकारी, पार्षदों की मांग पर टैक्स बिल से ब्याज पर रोक लगाने और शत प्रतिशत ब्याज माफी योजना लागू करने के लिए नगर आयुक्त को पत्र भेजा गया है। – डा. उमेश गौतम, मेयर
