हल्द्वानी: बेस अस्पताल में अभी भी नहीं बन पाया आईसीयू
हल्द्वानी, अमृत विचार। कोविड की तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग के दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं। कोविड के पीक के दौरान बड़ी दिक्कत सामान्य मरीजों के उपचार की होती है। इसलिए बेस अस्पताल में सुविधाओं को मजबूत किए जाने की कवायद शुरू की गई थी लेकिन एक साल बीत जाने …
हल्द्वानी, अमृत विचार। कोविड की तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग के दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं। कोविड के पीक के दौरान बड़ी दिक्कत सामान्य मरीजों के उपचार की होती है। इसलिए बेस अस्पताल में सुविधाओं को मजबूत किए जाने की कवायद शुरू की गई थी लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी यहां पर अभी तक आईसीयू का निर्माण नहीं हो पाया है।
कोविड के दौर में सामान्य मरीजों के उपचार में काफी दिक्कतें आईं। सुशीला तिवारी अस्पताल को कोविड अस्पताल बनाए जाने के बाद वहां पर कोविड के पीक के समय सामान्य मरीजों के लिए सुविधा बंद कर दी जाती है। इसके बाद बेस अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं को आधुनिक करने की तैयारी की गई।
इसके लिए यहां पर छह बेड का एचडीयू तैयार किया गया। साथ ही यहां पर आईसीयू बनाने की भी तैयारी शुरू की गई। आईसीयू की क्षमता 10 बेड की रखी गई थी। लेकिन इसका निर्माण अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। अस्पताल प्रशासन बार बार इसके लिए टाइम लाइन जारी करता है लेकिन हर बार टाइम लाइन आगे बढ़ा दी जाती है।
इधर जानकारी मिली कि आईसीयू को चलाने के लिए अस्पताल के पास पर्याप्त स्टॉफ नहीं है। आईसीयू चलाने के लिए कम से कम दो विशेषज्ञ डॉक्टर, चार नर्सेज और अन्य स्टॉफ की जरूरत पड़ेगी जबकि अस्पताल पहले से ही कम स्टॉफ की कमी से जूझ रहा है। इधर पीएमएस डा. हरीश लाल ने कहा कि आईसीयू का निर्माण चल रहा है। जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
पर्दे में हो रहा निर्माण
हल्द्वानी। आईसीयू का निर्माण अस्पताल प्रशासन पर्दे में कर रहा है। आईसीयू निर्माण स्थल पर किसी को भी जाने नहीं दिया जा रहा है। खासतौर से मीडिया का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। माना जा रहा है कि आईसीयू निर्माण में हो रही देरी के चलते अस्पताल प्रशासन अपनी खामियां छुपाने के लिए ऐसा कर रहा है।
