बरेली: बारिश से बेहाल शहर, क्या यही है स्मार्ट सिटी!
बरेली, अमृत विचार। करोड़ों रुपये खर्च कर शहरवासियों को स्मार्ट सिटी का सपना दिखाने वाले अफसरशाही के दावे फाइलों में गुम होकर रह गए। लगातार तीसरे दिन बुधवार को मूसलाधार बारिश से शहर के तमाम इलाके जलमग्न हो गए। बिहारीपुर, मलूकपुर, संजयनगर, जोगी नवादा, सुभाषनगर जैसे इलाकों की गलियों ने तालाब जैसा रूप ले लिया। …
बरेली, अमृत विचार। करोड़ों रुपये खर्च कर शहरवासियों को स्मार्ट सिटी का सपना दिखाने वाले अफसरशाही के दावे फाइलों में गुम होकर रह गए। लगातार तीसरे दिन बुधवार को मूसलाधार बारिश से शहर के तमाम इलाके जलमग्न हो गए। बिहारीपुर, मलूकपुर, संजयनगर, जोगी नवादा, सुभाषनगर जैसे इलाकों की गलियों ने तालाब जैसा रूप ले लिया। कई प्रमुख सड़कों पर कीचड़, दलदल और जलभराव जैसे हालात हो गए।

मानसूनी बारिश इस बार देर से आई। जिम्मेदार इससे पूर्व ही नालों की सफाई आदि व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का दावा कर रहे थे लेकिन दावों ने हकीकत की पोल खोलकर रख दी है। सर्वाधिक आवाजाही वाले मुख्य रास्तों पर सबसे ज्यादा मुसीबतें हैं। चौपुला के पास बिहारीपुर मोड़ के थोड़ा आगे सड़क टूटने से जलभराव हो गया। इस सड़क पर पहले ही एक लेन पर ही ट्रैफिक गुजर रहा है। सिटी स्टेशन और कंपनी बाग के सामने सड़क पर भी यही हाल रहा। गड्ढों में पानी भरने से लोगों को इसी मुश्किल से गुजरना पड़ा।

चक महमूद, सिकलापुर, जोगी नवादा और इसके पास के कई इलाकों में भी जलभराव से काफी मुश्किलें हुई। दरगाह आला हजरत की गली, कुंवरपुर आदि की सड़कें लबालब होने पर भी लोग दिनभर पानी में होकर ही गुजरते रहे। ईसाइयों की पुलिया से कंपनी बाग तक खोदकर छोड़ी गई सड़क का हाल और ज्यादा खराब हो गया है। सड़क के बीच जहां सीवर लाइन डालने के बाद मिट्टी का भराव किया गया है, वहां दलदल हो गया। सड़क के बाकी हिस्से में भी मिट्टी से कीचड़ भर गया तो लोगों का निकलना मुश्किल हो गया।

घरों में घुसा पानी तो और बढ़ गई मुश्किलें
झमाझम बारिश की वजह से शहर के ज्यादातर इलाके जलमग्न हो गए। पुराना शहर, सूफी टोला, कसाई टोला, बड़ी बमनपुरी की बात करें तो आलम यह था कि घरों में तक जलभराव हो गया। यहां जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया। लोगों को नालों के उफनाए पानी के बीच से होकर अपने जरूरी काम निपटाने पड़े। कई जगह तो जलभराव में ऑटो व अन्य वाहन फंस गए। आधा अधूरा निर्माण था वहां कीचड़ और निर्माण सामग्री बिखर गई थी। जिस पर फिसलने से कई राहगीर गंभीर रूप से चोटिल भी हो गए।

अधिकारियों के बंगलों वाली सड़कें जलमग्न
बड़े-बड़े दावे करने वाले अधिकारियों के दावों की भी बारिश ने पोल खोल दी। विकास भवन से लेकर कंपनी गार्डन, नगर निगम कार्यालय और अन्य विभागों के अधिकारियों के बंगलों में जलभराव हो गया। जल निकासी न होने से पानी रुकने से मुसीबत आई। सीवर लाइन, नाली, नाले चोक हो गए। सुभाषनगर पुलिया, संजय नगर के निचले इलाकों में तो चार से पांच फीट पानी भर गया।

शहर में कई घंटे गुल रही बिजली
सुबह के समय जैसे ही बारिश शुरू हुई बिजली गुल हो गई। लगातार कई घंटे बारिश हुई तो बिजली भी लगातार गायब ही रही। पांच से छह घंटे बाद लोगों को विद्युत आपूर्ति हो पाई। इसके बाद दिन में भी दो बार बिजली गायब हो गई। शहर की आजाद नगर कॉलोनी, कटरा चांद खां, सूफीटोला, हरुनगला समेत कई इलाकों में बारिश के दौरान अक्सर विद्युत आपूर्ति की समस्या रहती है।
