अल्मोड़ा: पुल न बनने से खतरे का सबब बन रही जैगन नदी

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अमृत विचार, अल्मोड़ा। विकास खंड भैंसियाछाना की जैगन नदी में पिछले आठ सालों से पुल का निर्माण न होने से अब यह नदी लोगों के लिए खतरे का सबब बन रही है। लेकिन कई बार के हादसों के बाद भी सरकार तंत्र और जनप्रतिनिधि इससे सबक लेना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। पुल का निर्माण …

अमृत विचार, अल्मोड़ा। विकास खंड भैंसियाछाना की जैगन नदी में पिछले आठ सालों से पुल का निर्माण न होने से अब यह नदी लोगों के लिए खतरे का सबब बन रही है। लेकिन कई बार के हादसों के बाद भी सरकार तंत्र और जनप्रतिनिधि इससे सबक लेना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। पुल का निर्माण न होने के कारण अब स्थानीय लोगों में आक्रोश भी पनप रहा है।

विकास खंड के दर्जनों गांवों को सड़क सुविधा से जोडऩे के लिए वर्ष 2013 में सेराघाट कुंजकिमौला मोटर मार्ग का निर्माण शुरू किया गया। सड़क का निर्माण तो हो गया। लेकिन इसके बीच में बहने वाली जैगन नदी में आज तक पुल का निर्माण नहीं कराया गया। जिस कारण छोटे वाहन आज भी नदी पार कर इधर उधर आवाजाही करते हैं।

लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत तब होती है जब बरसात के मौसम में नदी का बहाव काफी तेज हो जाता है। उफनाई नदी के साथ बड़े बड़े बोल्डर आने के कारण वाहन इसे पार नहीं कर पाते और कई बार वाहन बीच नदी में फंस भी जाते हैं। अधिक बारिश होने पर विकास खंड के अनेक गांवों का संपर्क मुख्यालय से पूरी तरह कट जाता है और लोगों को दैनिक उपयोग की वस्तुओं की भी लाले पड़ जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों ने कई बार पुल के लिए सर्वे तो किया लेकिन सालों बीत जाने के बाद भी आज तक इस नदी पर पुल का निर्माण नहीं हो पाया है। जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज

सीतापुर में 7 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त, फर्जी मार्कशीट के आधार पर पाई थी नौकरी
गंगाराम की मौत पर रोया पूरा गाँव, नहीं जला घर का चूल्हा, 130 सालों तक तालाब में रहने की क्या है कहानी; NCERT के पाठ्यक्रम में शामिल
NEET विवाद पर छात्रों के समर्थन में आए वरुण धवन और नोरा फतेही, बोले- हर छात्र निष्पक्ष और भरोसेमंद व्यवस्था का हकदार
Parliament Monsoon Session Day 5: लोकसभा की कार्यवाही 27 जुलाई तक स्थगित, किरण रिजिजू बोले- NEET पर चर्चा जरूरी, देश को सही संदेश जाना चाहिए
''छात्रों को धमकाने की हिम्मत कैसे हुई?'' , राहुल गांधी का सरकार पर हमला, कहा- छात्रों को लोकतांत्रिक अधिकारों से नहीं डराया जा सकता