हल्द्वानी: सावन मास शुरू, 16 अगस्त को होगा अंतिम सोमवार

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हल्द्वानी, अमृत विचार। हिंदू पंचांग के अनुसार 24 जुलाई को आषाढ़ का महीना समाप्त हो रहा है। इसके बाद 25 जुलाई यानि की रविवार से श्रावण मास शुरू हो जाएगा। इस दिन सावन के महीने की प्रतिपदा तिथि है। हिंदू धर्म में सावन के महीने का बहुत महत्व है। यह माह भगवान शिव को अति …

हल्द्वानी, अमृत विचार। हिंदू पंचांग के अनुसार 24 जुलाई को आषाढ़ का महीना समाप्त हो रहा है। इसके बाद 25 जुलाई यानि की रविवार से श्रावण मास शुरू हो जाएगा। इस दिन सावन के महीने की प्रतिपदा तिथि है।

हिंदू धर्म में सावन के महीने का बहुत महत्व है। यह माह भगवान शिव को अति प्रिय है। इस माह में पड़ने वाले सोमवार भी विशेष फलदायी होते हैं। इस बार सावन के इस महीने में कुल चार चार सोमवार पड़ रहें हैं। ऐसा माना जाता है कि सोमवार के दिन व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना व भक्ति से भगवान शिव की कृपा बरसती है और श्रद्धालुओं के सभी मनोरथ पूरे होते हैं।

उत्तराखंड देवभूमि में हालांकि हरेला त्योहार के साथ ही सावन माह की शुरुआत हो जाती है। ज्योतिषाचार्य पूरन चंद त्रिपाठी का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में हरेला के साथ ही श्रावण मास की शुरुआत की परंपरा रही है। वैसे रविवार को पंचक की शुरुआत से ही सावन शुरू हो रहा है। सावन के सभी सोमवार महत्वपूर्ण होते हैं, लेकि पहले और अंतिम सोमवार का विशेष महत्व बताया गया है। सोमवार के व्रत में पूजन विधि और अनुशासन का खास ख्याल रखना चाहिए।

पहला सावन सोमवार व्रत- 26 जुलाई 2021
दूसरा सावन सोमवार व्रत- 2 अगस्त 2021
तीसरा सावन सोमवार व्रत- 9 अगस्त 2021

चौथा सावन सोमवार व्रत-16 अगस्त 2021

पूजा का विशेष महत्व
शास्त्रों की मान्यता है कि सावन के महीने भगवान शिव की विशेष उपसाना की जाती है। माना जाता है कि जलाभिषेक से शिव के तप्त शरीर को ठंडक मिलती है, इसलिए सावन मास उनको प्रिय है। इन दिनों पार्थिव पूजा, काल-सर्प की पूजा विशेष रूप से की जाती है। श्रावण मास में शास्त्रों का अध्ययन करना, पवित्र ग्रंथों को सुनना अत्यंत शुभ और फलदायी बताया गया है। इस माह में धर्मिक कार्यों को करने से सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है और मन व चित्त दोनों शांत रहते हैं। भगवान शिव की कृपा से भक्त के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।

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