नैनीताल: बेतालघाट में स्टोन क्रेशर्स के मामले को चुनौती, केन्द्र एवं राज्य सरकार से मांगा जवाब
नैनीताल, अमृत विचार। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने नैनीताल जनपद के बेतालघाट में कोसी नदी के किनारे लगाये जा रहे दो स्टोन क्रेशरों के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केन्द्र एवं राज्य सरकार, केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समेत दोनों स्टोन क्रेशरों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब देने को कहा है। …
नैनीताल, अमृत विचार। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने नैनीताल जनपद के बेतालघाट में कोसी नदी के किनारे लगाये जा रहे दो स्टोन क्रेशरों के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केन्द्र एवं राज्य सरकार, केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समेत दोनों स्टोन क्रेशरों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब देने को कहा है।
मामले की सुनवाई गुरुवार को मुख्य न्यायधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खण्डपीठ में हुई। मामले को स्थानीय समाजसेवी दिलीप सिंह बोरा और खैरनी गाँव के दो ग्रामीण चंदन सिंह और दीवान सिंह की ओर से जनहित याचिका के माध्यम से चुनौती दी गयी है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि बेतालघाट ब्लाक में कोसी नदी के किनारे छह स्टोन क्रेशर पहले से स्थापित हैं और मानकों की अनदेखी कर दो और स्टोन क्रेशर मां शीतला देवी स्टोन क्रेशर और माँ शैलपुत्री स्टोन क्रेशर लगाये जा रहे हैं। इससे यहां के पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है।
यहां आसपास 5500 से अधिक की आबादी है और इससे यहां के लोगों के जनजीवन पर भी विपरीत असर पड़ा रहा है। याचिकाकर्ताओं की ओर से यह भी कहा गया कि जहां पर ये स्टोन क्रेशर लगाये जा रहे हैं वह भूमि नदी से दो सौ मीटर की दूरी पर स्थित है। साथ ही इसके पास ही कई गांवों की 15 हजार लीटर की पेयजल पम्पिंग योजना है।
