टनकपुर: पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग आठवें दिन भी रहा बंद
टनकपुर, अमृत विचार। टनकपुर पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग शनिवार को आठवें दिन भी नहीं खुल सका। राष्ट्रीय राजमार्ग के भारतोली के पास बार-बार आ रहे मलवे से काम करने में भी खासी अड़चनें आ रही हैं। इधर टनकपुर पूर्णागिरि मार्ग भी 13 दिन बाद भी नहीं खुल सका है वही कालिका मंदिर के नीचे मार्ग भी …
टनकपुर, अमृत विचार। टनकपुर पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग शनिवार को आठवें दिन भी नहीं खुल सका। राष्ट्रीय राजमार्ग के भारतोली के पास बार-बार आ रहे मलवे से काम करने में भी खासी अड़चनें आ रही हैं। इधर टनकपुर पूर्णागिरि मार्ग भी 13 दिन बाद भी नहीं खुल सका है वही कालिका मंदिर के नीचे मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया हैं।
टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे पर भारतोली के पास मलबा आने से बंद सड़क अभी भी नहीं खुल पाई है। इससे टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे पर वाहनों का संचालन नहीं हो पा रहा है। भारतोली में शनिवार की सुबह सात बजे से ही मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया था लेकिन क्षेत्र से मलवा ना हटने से वाहनों की आवाजाही भी नहीं हो पाई है।
आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार अभी भी इस मार्ग को खुलने में समय लग सकता हैं जबकि टनकपुर से लोहाघाट तक वाहनों की आवाजाही शुरू है। तीन दिन पूर्व बंद हुई 11 ग्रामीण सड़कों में से चार को आवागमन के लिए सुचारू कर दिया गया है, जबकि सात सड़कें अभी भी बंद हैं।
एनएच के ईई एलडी मथेला ने बताया कि भारतोली के पास मलबा हटाने का काम तेजी से चल रहा है। पांच दिन पूर्व आया मलबा अभी तक नहीं हट पाया था कि शुक्रवार की शाम फिर से मलबा गिर गया। लगातार गिर रहे मलबे के कारण सड़क खोलने में देरी हो रही है। बताया कि चार जेसीबी और पोकलैंड मशीनें लगातार काम में जुटी हैं।
मलबा और बोल्डर इतने ज्यादा हैं कि अभी इस मार्ग को खुलने में समय लग सकता है। इधर सड़क न खुलने से चम्पावत और पिथौरागढ़ जिले से सड़क संपर्क पूरी तरह भंग हो गया है। अभी भी यात्रियों को पिथौरागढ़ के लिए अल्मोड़ा होते हुए जाना पड़ रहा है। लंबे वक्त तक एनएच बंद होने से प्रशासन के सामने भी पशोपेश की स्थित पैदा हो गई है। शुक्रवार को डीएम विनीत तोमर में भारतोली पहुंचकर एनएच के अधिकारियों को शीघ्र सड़क खोलने के निर्देश दिए थे।
वहीं टनकपुर-पूर्णागिरि मार्ग तेरहवें दिन भी नहीं खुल पाया है। हनुमान चट्टी के पास गिरी चट्टान को काटने में दिक्कत आ रही है। जबकि लोनिवि द्वारा बनाया गया वैकल्पिक मार्ग भी ध्वस्त हो गया है। लोनिवि के ईई एपीएस बिष्ट ने बतया कि चट्टान को ब्लास्ट करके के लिए अनुमति मांगी जा रही है। बिना ब्लास्ट किए सड़क खुलना संभव नहीं है। इधर पूर्णागिरि मार्ग के काली मंदिर के नीचे हनुमान गणेश मंदिर क्षेत्र के दुकान संख्या 47 के पास मार्ग का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे नंदा बल्लभ तिवारी की दुकान को भी खतरा पैदा हो गया है।इसके अलावा इस मार्ग में कई स्थान पर भूस्खलन की संभावना बनी हुई है, हालांकि स्थानीय प्रशासन द्वारा बूम पुलिस चौकी बैरियर से आगे वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी गयी हैं।
