राज्यसभा: मानसून सत्र में भारी हंगामा, विपक्ष ने महिलाओं के साथ बदसलूकी का लगाया आरोप
नई दिल्ली। राज्यसभा के मानसून सत्र में बुधवार को भारी हंगामा हो गया। विपक्ष ने महिलाओं के साथ बदसलूकी का आरोप लगा दिया। महिलाओं के साथ हुई बदसलूकी को राष्ट्रीय साख से जोड़ते हुए विपक्ष कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़ गया। हालांकि सरकार ने सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया कि यह ”सत्य …
नई दिल्ली। राज्यसभा के मानसून सत्र में बुधवार को भारी हंगामा हो गया। विपक्ष ने महिलाओं के साथ बदसलूकी का आरोप लगा दिया। महिलाओं के साथ हुई बदसलूकी को राष्ट्रीय साख से जोड़ते हुए विपक्ष कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़ गया। हालांकि सरकार ने सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया कि यह ”सत्य से परे” है।। इससे सदन की कार्यवाही स्थगित हो गई। अब विपक्षी पार्टियों के नेता गुरुवार को बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे।
सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को आरोप लगाया कि सदन में विरोध प्रदर्शन के दौरान वहां मौजूद कुछ महिला सुरक्षाकर्मियों ने विपक्ष की महिला सदस्यों के साथ धक्कामुक्की की और उनका अपमान किया। हालांकि सरकार ने उनके आरोप को यह कहते हुए खारिज कर दिया।
खड़गे ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहा कि विपक्ष के सदस्य जब विरोध प्रदर्शन के लिए आसन के निकट जाते हैं तो पुरुष और महिला सुरक्षाकर्मी का एक घेरा बना दिया जाता है। उन्होंने कहा, ”हमारी महिला सदस्य आ रही हैं… घेरा बना लिया जा रहा है… धक्कामुक्की की जा रही है…महिला सदस्यों का अपमान हो रहा है… महिला सांसद सुरक्षित नहीं हैं… यह संसद और लोकतंत्र का अपमान है।” इसके बाद कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।
संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने खड़गे के आरोपों का प्रतिकार करते हुए कहा कि यह ”सत्य से परे” हैं। उन्होंने पलटकर आरोप लगाया कि विपक्षी सदस्यों ने महिला सुरक्षाकर्मियों के साथ धक्कामुक्की की है। उन्होंने कहा, ”लोगों ने हमें जनादेश दिया और हम विधेयक पारित करवा रहे हैं। संसदीय इतिहास में विपक्षी सदस्यों का इस प्रकार का आचरण कभी नहीं देखा गया। नेता विपक्ष ने जो आरोप लगाए हैं वह सत्य से परे है।”
उन्होंने कहा कि जिस भी सदस्य ने महिला सुरक्षाकर्मियों के साथ धक्कामुक्की की है उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस बीच, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने राज्यसभा से ‘साधारण बीमा कारोबार (राष्ट्रीयकरण) संशोधन विधेयक, 2021’ को मंजूरी मिलने के बाद आरोप लगाया कि सदन के भीतर सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में यह विधेयक पारित कराया गया जो बहुत ही ‘अत्याचार’ था।
उच्च सदन में कांग्रेस के मुख्य सचेतक रमेश ने ट्वीट किया, ” बीमा संशोधन विधेयक राज्यसभा में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में पारित किया गया। सरकार ने इस विधेयक को प्रवर समिति के पास भेजने से इनकार कर दिया, जबकि सभी विपक्षी दलों ने इसकी मांग की थी। इनमें से कुछ दल तो भाजपा के निकट हैं। आज की शाम जो हुआ वह बहुत ही ‘अत्याचार’ था।”
आगे की रणनीति तय करने के लिए बृहस्पतिवार को बैठक करेंगे विपक्षी दल
राज्यसभा में कई विपक्षी सदस्यों के कथित अनुचित व्यवहार को लेकर सरकार की ओर से कड़ी कार्रवाई की मांग किए जाने की पृष्ठभूमि में विपक्षी पार्टियों के नेता गुरुवार को बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे। सूत्रों का कहना है कि राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के संसद भवन स्थित कक्ष में दोनों सदनों के विपक्षी दलों के नेता 12 अगस्त की सुबह बैठक करेंगे।
इस बैठक में बुधवार को उच्च सदन के घटनाक्रमों पर चर्चा की जाएगी। कांग्रेस से जुड़ी कुछ महिला सदस्यों ने आरोप लगाया है कि पुरुष मार्शलों ने उस वक्त उनके साथ धक्कामुक्की की जब वे आसन के निकट पहुंचकर सरकार का विरोध जता रही थीं। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी आरोप लगाया कि सदन में विरोध प्रदर्शन के दौरान वहां मौजूद कुछ महिला सुरक्षाकर्मियों ने विपक्ष की महिला सदस्यों के साथ धक्कामुक्की की और उनका अपमान किया।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि उन्होंने अपने 55 साल की संसदीय राजनीति में ऐसे स्थिति नहीं देखी कि महिला सांसदों पर सदन के भीतर हमला किया गया हो। उन्होंने आरोप लगाया कि 40 से अधिक पुरुष एवं महिला मार्शलों तथा सुरक्षाकर्मियों को सदन में बुलाया गया था और इनमें कई बाहर से बुलाये गए थे।
इस बीच, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने राज्यसभा से ‘साधारण बीमा कारोबार (राष्ट्रीयकरण) संशोधन विधेयक, 2021’ को मंजूरी मिलने के बाद आरोप लगाया कि सदन के भीतर सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में यह विधेयक पारित कराया गया जो बहुत ही ‘अत्याचार’ था।
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