रुद्रपुर: क्षमता से अधिक सवारी पर बसें सीज, दो सौ मजदूर फंसे

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अमृत विचार, रुद्रपुर। पंजाब से बिहार जा रहे करीब दो सौ मजूदर एआरटीओ द्वारा बसें सीज करने के कारण रुद्रपुर में फंस गए। भूखे-प्यासे मजदूर और उनके बीवी-बच्चे मंगलवार दोपहर से यहां फंसे हुए थे। सूचना पर असंगठित कामगार संघ के प्रदेश अध्यक्ष और पुलिस प्रशासन ने एआरटीओं से वार्ता कर उनको गंत्वय की ओर …

अमृत विचार, रुद्रपुर। पंजाब से बिहार जा रहे करीब दो सौ मजूदर एआरटीओ द्वारा बसें सीज करने के कारण रुद्रपुर में फंस गए। भूखे-प्यासे मजदूर और उनके बीवी-बच्चे मंगलवार दोपहर से यहां फंसे हुए थे। सूचना पर असंगठित कामगार संघ के प्रदेश अध्यक्ष और पुलिस प्रशासन ने एआरटीओं से वार्ता कर उनको गंत्वय की ओर रवाना किया। इस दौरान मजदूरों ने बस मालिक पर मनचाहा किराया वसूलने व एसी बस की जगह साधारण बस में सफर कराने का आरोप भी लगाया।

पंजाब के लुधियान व उसके आसपास के शहरों में काम करने वाले करीब दो सौ मजदूर मजदूर अपने घर बिहार जाने के लिए बीवी-बच्चों के साथ एजेंट के माध्यम से दो निजी बसों में सवार होकर सोमवार रात को निकले थे। इस दौरान मंगलवार दोपहर में रुद्रपुर पहुंचने पर राज्यकर चेकपोस्ट पर एआरटीओ ने बसों को क्षमता से अधिक सवारी भरे होने के कारण रोक लिया और दोनों बसों को सीज कर दिया। इससे बसों में सवार मजदूर वही फंस गए।

पूछे जाने पर बस ड्राइवर मालिक द्वारा जुर्माना भर बसें जल्दी ही छोड़े जाने का बहाना बनाकर उनको टरकाते रहे। इस दौरान बस मालिक ने भी अपना फोन बंद कर लिया। वहीं रात होने पर मजदूरों को परिवार समेत रात वहीं गुजारनी पड़ी। इस दौरान गुरुद्वारे प्रबंधन कमेटी ने मजदूरों के खाने पीने की व्यवस्था की।

सुबह भी बसें नहीं छूटने पर मजदूरों का पारा चढ़ गया और उन्होंने राज्यकर चेकपोस्ट पर हंगामा करना शुरू कर दिया। मजदूरों ने मांग की कि उनके बस मालिक से पैसे वापस कराए जाएं या बसों को छोड़ा जाए ताकि वे अपने घरों को जा सकें। मजदूरों ने आरोप लगाया कि बस मालिक ने एसी बस की जगह साधारण बस में उनके सफर कराया। वहीं बड़ों सहित बच्चों का भी मनचाहा किराया वसूला है।

मामले की सूचना पर असंगठित कामगार संग के प्रदेश अध्यक्ष सीपी शर्मा और कोतवाल बिजेंद्र शाह मौके पर पहुंचे। जिन्होंने मजदूरों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद उन्होंने एआरटीओ से वार्ता कर बसों का चालान कर उन्हें छुड़वाकर मजदूरों को उनके घर के लिए रवाना किया। एएसपी सिटी ममता वोहरा ने बताया कि एआरटीओ से वार्ता कर बसों का चालान कर बसें छोड़ दी गई हैं। इसके बाद मजदूरों को बिहार के लिए रवाना किया गया।

उन्होंने कहा कि बस वालों की गलती का खामियाजा दौ सौ लोगों को भुगतना पड़ा। इसके लिए बस चालक को हिदायत भी दी गई है। इस दौरान मजदूरो में प्रेम कुमार, गुंजन, विजय कुमार, सल्टू, रंजीत कुमार, अमरजीत, विकास मंडल, शिवम कुमार, राज किशोर, जय प्रकाश, विकास कुमार, दीपक, महेन्द्र, सूरज कुमार, लालू कुमार, रमेश, दशरथ कुमार, रामदेव कुमार, शैलेन्द्र कुमार, विजय कुमार, गुलाबी देवी, शांति देवी, उम्दा देवी आदि मौजूद थे।

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