लखनऊ: बारिश बनी आफत, पांच लाख की आबादी झेल रही जलभराव की समस्या

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लखनऊ। राजधानी में एक दिन की बारिश आफत बनकर बरसी। गुरुवार को दिन भर हुई बारिश से आधा शहर पानी में डूब गया। जगह-जगह जलभराव से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। शहर के निचले इलाकों जैसे फैजुल्लागंज, आशियाना, सीतापुर रोड सहित अन्य क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों से जलभराव की स्थिति है, जिससे जनजीवन बुरी …

लखनऊ। राजधानी में एक दिन की बारिश आफत बनकर बरसी। गुरुवार को दिन भर हुई बारिश से आधा शहर पानी में डूब गया। जगह-जगह जलभराव से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। शहर के निचले इलाकों जैसे फैजुल्लागंज, आशियाना, सीतापुर रोड सहित अन्य क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों से जलभराव की स्थिति है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। इन इलाकों में लोगों के घरों में बारिश का पानी घुस गया। लोग घरों के अंदर कैद होकर रह गए हैं। जिससे डेंगू सहित अन्य वेक्टरजनित बीमारियां फैलने का भी खतरा है।

हालांकि जलभराव की समस्या इन इलाकों के लिए नई बात नहीं है क्योंकि बरसात के समय यहां हमेशा जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है। इन इलाकों की लगभग पांच लाख आबादी अव्यवस्था का शिकार है। निचला इलाका होने के कारण यहां ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह फेल है। हर बार बारिश के समय यह समस्या जोर-शोर से उठती है लेकिन बरसात समाप्त होते ही लोग भी भूल जाते हैं।

नगर निगम यहां हाउस टैक्स तो लेता है लेकिन सुविधाएं देने में कतराता है। मामला जब शासन पहुंचता है तो नगर निगम बजट ना होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेता है। ​पिछले वर्ष भी नगर निगम ने फैजुल्लागंज क्षेत्र में ड्रेनेज सिस्टम सही करने के लिए शासन से लगभग 45 करोड़ रुपये के बजट की मांग की है। मामला अभी प्रक्रिया में है। यदि सरकार की हरी झंडी मिल जाती है और बजट जारी हो जाता है तब इस समस्या से क्षेत्रीय लोगों को निजात मिल पाएगी।

 जलभराव से राजधानी की सड़कें खस्ताहाल

एक दिन की बारिश ने राजधानी में स्मार्ट सिटी के साथ ड्रेनेज व्यवस्था की पोल खोल दी है। जगह-जगह जलभराव से राजधानी की सड़कें खस्ताहाल हो गयी हैं। कहीं गिट्टियां उखड़ गयी हैं तो कहीं सड़कें धंस गयी हैं। इन रास्तों पर राहगीर चोटिल होकर गिर रहे हैं। लालबाग स्थित नगर निगम मुख्यालय के सामने ही सड़क पर जगह—जगह गड्ढे हो गए हैं और गिट्टियां उखड़ गयी हैं। कलेक्ट्रेट के पिछले गेट की सड़क भी धंस गयी है।

शहरी क्षेत्रों में बारिश से सड़कों पर गड्ढे हो गए हैं उन्हें नगर निगम गिट्टी या मलबा डालकर भर रहा है लेकिन इन खस्ताहाल सड़कों को सही कराने में अभी समय लग सकता है। नगर निगम के अभियंता की मानें तो ड्रेनेज सिस्टम फेल होने के पीछे स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर में हो रहा सीवर लाइन और ड्रेनेज का काम है। काम के चलते जल निगम ने जगह- जगह गड्ढे खोदकर छोड़ दिए और कुछ जगह कनेक्टिविटी भी बंद कर दी। जिससे बारिश का पानी नहीं निकल पाया और सड़कों पर बहने लगा।

जलभराव से व्यापारियों को उठाना पड़ा नुकसान

राजधानी में ड्रेनेज सिस्टम फेल होने से बाजारों में भी जलभराव हो गया। अमीनाबाद सहित शहर के कुछ बाजारों में दुकानों के अंदर पानी भर गया। जिससे व्यापारियों का माल पानी में भीगकर खराब हो गया। लखनऊ व्यापार मंडल के वरिष्ठ महामंत्री अमरनाथ मिश्र ने नगर निगम की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए व्यापारियों को हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।

आज 1090 चौराहे से शुरू होगा विशेष अभियान

निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम के अधिकारी शनिवार को भी दिन भर फील्ड पर रहे। आशियाना सहित फैजुल्लागंज, सीतापुर रोड आदि क्षेत्रों का नगर आयुक्त ने अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने पम्प सेट लगाकर निचले इलाकों से पानी निकालने के अधिकारियों को निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने बताया कि रविवार को सुबह 11 बजे 1090 चौराहे से नगर निगम विशेष अभियान चलाकर फागिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव करेगा।

हर साल यहां बारिश के समय जलभराव हो जाता है। घरों से निकलना मुश्किल है। यदि नगर निगम पम्प लगवाकर पानी निकलवा देगा तो दो दिनों में जलभराव से मुक्ति मिल जाएगी नहीं तो पानी निकलने में एक महीने का समय लग जाएगा…सोनू शर्मा, दाउद नगर फैजुल्लागंज 2।

जल भराव की समस्या से क्षेत्रीय लोग बुरी तरह परेशान हैं। बरसात में यहां घरों के अंदर तक पानी भर जाता है और बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। बीमारियों का भी खतरा बढ़ जाता है। जलभराव से हर साल यहां डेंगू जैसी बीमारी फैल जाती है…मनोज तिवारी, दाउद नगर फैजुल्लागंज 2।

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