हरदोई: ताड़का वध का सफल मंचन देख मंत्रमुग्ध हो गए दर्शक
हरदोई। श्री रामलीला मेला मोहल्ला पठकाना में भयंकर राक्षसी ताड़का बध देखकर दर्शकगण मंत्रमुग्ध हो गए। रामलीला मेला मंच पठकाना में बीती रात ताड़का बध का सफल मंचन किया गया। मंच पर कभी बड़े ही मनमोहक दृश्य तो कभी अत्यंत डरावने दृश्य और कभी भयंकर राक्षसों का अट्टहास देख दर्शक वाह-वाह करते दिखे। सबसे अधिक …
हरदोई। श्री रामलीला मेला मोहल्ला पठकाना में भयंकर राक्षसी ताड़का बध देखकर दर्शकगण मंत्रमुग्ध हो गए। रामलीला मेला मंच पठकाना में बीती रात ताड़का बध का सफल मंचन किया गया। मंच पर कभी बड़े ही मनमोहक दृश्य तो कभी अत्यंत डरावने दृश्य और कभी भयंकर राक्षसों का अट्टहास देख दर्शक वाह-वाह करते दिखे। सबसे अधिक उत्सुकता बच्चों में देखी गई। जो बार बार भावविभोर होकर पूरी तन्मयता से मंचन देखकर खुशी से फूले नहीं समा रहे थे।
कलाकारों द्वारा दोहा चौपाई के साथ रामजन्म से लेकर ताड़का बध और जनकपुरी प्रस्थान तक की सभी लीलाएं सफलतापूर्वक खेली गईं। कलाकारों ने लोकलुभावन मंचन कर वाहवाही बटोरी। मंच पर कई बार घमासान युद्ध देख दर्शक दीर्घा में बैठे बच्चे उचक उचक कर रामलीला का आंनद लेते दिखाई दिए। बीच बीच में मंच से लेकर नीचे मैदान तक मेला महामंत्री मधुम मिश्र, मन्त्री ऋषिकुमार मिश्र, मंत्री आशीष मोहन तिवारी आदि मेला समिति के कर्ताधर्ता अपनी अपनी भूमिका का बखूबी निर्वहन करते रहे।
बीती रात विशेष रूप से खेली गई लीला ताड़का बध का सार इस प्रकार है कि यज्ञ की रक्षा के लिए मुनि विश्वामित्र अयोध्या के महाराजा दशरथ के 2 पुत्र राम और लक्ष्मण को अपने साथ लेकर जाते हैं। रास्ते में एक ताड़का नामक राक्षसी के आतंक की जानकारी होने पर प्रभु श्री राम भयंकर राक्षसी ताड़का का बध करते हैं और उसके साथ कई अन्य राक्षसों को भी मार डालते हैं।
उसके बाद मुनि विश्वामित्र अयोध्या के दोनों राजकुमारों को अपने आश्रम में लाकर उनके भोजन भजन शयन की व्यवस्था कर स्वयं विश्राम करते हैं और अगले दिन जहां मुनि विश्वामित्र यज्ञ करते हैं वही राम और लक्ष्मण दोनों भाई यज्ञ की रखवाली करते हैं। इसी बीच अत्यंत बलशाली राक्षस मारीच और सुबाहु यज्ञ में विघ्न डालने के लिए अपने दल बल के साथ आते हैं। जिन्हें दोनों भाई मार गिराते हैं। और यज्ञ को पूर्ण कराते हैं।
