हल्द्वानी: बारिश में बह गई 3.57 करोड़ की फसल

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नरेन्द्र देव सिंह, हल्द्वानी। दो दिन की बारिश में जिले में 3.57 करोड़ की फसल पानी से बर्बाद हो गई। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। कृषि विभाग ने नुकसान का आकलन कर लिया है। अब किसानों को मुआवजा देने के लिए आगे की कार्यवाही की जा रही है। मानसून की अनुकूल बारिश होने …

नरेन्द्र देव सिंह, हल्द्वानी। दो दिन की बारिश में जिले में 3.57 करोड़ की फसल पानी से बर्बाद हो गई। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। कृषि विभाग ने नुकसान का आकलन कर लिया है। अब किसानों को मुआवजा देने के लिए आगे की कार्यवाही की जा रही है।

मानसून की अनुकूल बारिश होने की वजह से इस बार किसानों को धान की अच्छी फसल की उम्मीद थी। लेकिन धान कटाई के समय ही मूसलाधार बारिश हो गई। खेतों में कई जगह धान की पकी फसल तैयार खड़ी थी, जो मौसम की मार के आगे बेकार हो गई। सबसे ज्यादा नुकसान धान की फसल को हुआ है। जिले के भाबर और मैदानी इलाके में धान की अच्छी फसल होती है।

नैनीताल जिले में 10974 हेक्टेयर में प्रत्येक साल करीब 35157 मीट्रिक टन धान का उत्पादन होता है। जिले के लालकुआं, चोरगलिया, हल्दूचौड़, मोटाहल्दू, कोटाबाग, रामनगर, छोई, बैलपड़ाव आदि इलाकों में बड़े पैमाने पर किसान धान रोपते हैं। साथ ही पहाड़ के उन स्थानों में जहां सिंचाई के साधन हैं, वहां भी धान की खूब पैदावार होती है। इस समय खेतों में उड़द और सोयाबीन की फसल भी खड़ी थी। कृषि विभाग के अनुसार पूरे जिले में 3.57 करोड़ की फसल बर्बाद हो गई है। साथ ही बारिश के चलते 1100 हेक्टेयर कृषि भूमि को भी नुकसान हुआ है। कृषि विभाग ने नुकसान की रिपोर्ट बना ली है। किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए इसे राजस्व विभाग को सौंपा जा रहा है।

पहाड़ और मैदान सब जगह नुकसान
हल्द्वानी। पहाड़ों में जहां कृषि भूमि मलबे में दब गई तो कई स्थानों पर भूस्खलन होने की वजह से फसल बर्बाद हो गई। पानी के वेग के आगे खड़ी फसलें चौपट हो गईं। मैदानी इलाकों में जलभराव के चलते धान की पकी फसल को काफी नुकसान हुआ। साथ ही कृषि विभाग के कई भवन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।

पूरे जिले में बारिश की वजह से बर्बाद हुई फसल का आकलन कर लिया गया है। धान, उड़द और सोयाबीन को फसल को काफी नुकसान पहुंचा है।- विकेश कुमार यादव, मुख्य कृषि अधिकारी, नैनीताल

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