नैनीताल: दो बार दी मौत को मात, तीसरी बार हार गया मनोज
ज्योलीकोट, अमृत विचार। चोपड़ा गांव के बरसाती नाले में जान गंवाने वाला मनोज बहादुर और सरल स्वभाव का था। करीब दो हफ्ते पहले मनोज का गुलदार से दो बार सामना हुआ। तब मनोज ने तत्परता दिखाते हुए खुद को बचाया था और गांव वालों को खतरे से आगाह भी किया था, लेकिन सोमवार की शाम …
ज्योलीकोट, अमृत विचार। चोपड़ा गांव के बरसाती नाले में जान गंवाने वाला मनोज बहादुर और सरल स्वभाव का था। करीब दो हफ्ते पहले मनोज का गुलदार से दो बार सामना हुआ। तब मनोज ने तत्परता दिखाते हुए खुद को बचाया था और गांव वालों को खतरे से आगाह भी किया था, लेकिन सोमवार की शाम गांव के उफनाते गधेरे में मनोज जिंदगी की जंग हार गया।
34 वर्षीय मनोज कुमार पांच भाइयों में चौथे नंबर का था। करीब दस साल पहले मनोज के पिताजी का बीमारी से निधन हो गया था। मनोज अविवाहित था और क्षेत्र के एक होटल में स्टोर इंचार्ज था। सोमवार को भी वह रोजाना की तरह सुबह करीब नौ बजे ड्यूटी के लिए निकला था लेकिन बरसाती नाले में बह गया।
ग्रामीणों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहता था
मनोज ग्रामीणों की हर मुश्किल में मदद को तैयार रहता था। 15 दिन पहले गांव में जब एक गुलदार एक मासूम को निवाला बनाया था, तब उस रात मनोज ने ग्रामीणों व वन विभाग की टीम के साथ मिलकर रात-भर बच्चे की खोजबीन में जुटा रहा। गांव में हरियाली बढ़ाने के लिए मनोज बढ़चर कर पोध रोपण भी किया करता था।
