हल्द्वानी: गौला नदी में छठ पूजा के बाद शुरू होगा खनन
हल्द्वानी, अमृत विचार। गौला नदी में इस खनन सत्र में फावड़े-बेल्चों की खन-खन छठ पूजा के बाद ही सुनाई देगी। नदी में पर्याप्त मात्रा में पानी है। वहीं बारिश से सीमांकन पिलर, तटबंध वगैरह भी ध्वस्त हो गए हैं। ऐसे में खनन की तैयारियों में समय लग सकता है। प्रदेश में खनन सत्र एक अक्टूबर से …
हल्द्वानी, अमृत विचार। गौला नदी में इस खनन सत्र में फावड़े-बेल्चों की खन-खन छठ पूजा के बाद ही सुनाई देगी। नदी में पर्याप्त मात्रा में पानी है। वहीं बारिश से सीमांकन पिलर, तटबंध वगैरह भी ध्वस्त हो गए हैं। ऐसे में खनन की तैयारियों में समय लग सकता है।
प्रदेश में खनन सत्र एक अक्टूबर से शुरू होता है। इस साल बेमौसमी बारिश ने खनन को एक-डेढ़ माह विलंब कर दिया है। बीती 17-19 अक्टूबर तक हुई झमाझम बारिश से जिले की नदियों में पर्याप्त मात्रा में पानी है। वहीं गौला नदी भी इस बार रौद्र रूप में थी।
गौला की तेज लहरों में गजराज भी फंस गए थे। इस तेज बहाव से नदी में उपखनिज के सीमांकन के लिए लगाए गए पिलर, तटबंध वगैरह भी ध्वस्त हो गए हैं। उपखनिज निकासी के रास्ते भी बह गए हैं। ऐसे में गौला नदी में खनन सत्र देरी होने की संभावना है। अभी नदी में पर्याप्त मात्रा में पानी है।
जब पानी समाप्त होगा तो नुकसान का सर्वे किया जाएगा। इसके बाद रास्ते, सीमांकन पिलर, तटबंध बनाने का काम होगा। इसमें काफी समय लग सकता है। ऐसे में माना जा रहा है कि अभी कम से कम दो हफ्तों का समय लग सकता है। इधर, नदी में इस बार पर्याप्त मात्रा में उपखनिज आया है। खनन कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि इस एक बारिश ने गौला नदी की सभी कमियों का दूर कर दिया है।
अभी नदी में पर्याप्त मात्रा में पानी है। जब पानी कम होगा तो तैयारियां की जाएंगी। इस बार भारी बारिश से नदी के तटबंध, सीमांकन पिलर व रास्ते को भी नुकसान हुआ है। पानी कम होने के बाद इनको ठीक किया जाएगा।= ध्रुव सिंह मर्तोलिया, एसडीओ, तराई पूर्वी वन डिवीजन हल्द्वानी
