बरेली: समय पूरा होने के बाद भी नहीं मानी गई बिजली संविदा कर्मचारियों की मांगें
बरेली, अमृत विचार। बिजली के संविदा कर्मचारियों की मांगे समय पूरा होने के बाद भी नहीं मानी गई है। जिसके चलते कर्मचारियों में आक्रोश है। उन्होंने अधिकारियों को नोटिस देकर जल्द ही मांग पूरा करने को कहा है। वहीं पदाधिकारियों का कहना है कि अगर जल्द ही अधिकारियों ने कोई फैसला नहीं लिया तो वह …
बरेली, अमृत विचार। बिजली के संविदा कर्मचारियों की मांगे समय पूरा होने के बाद भी नहीं मानी गई है। जिसके चलते कर्मचारियों में आक्रोश है। उन्होंने अधिकारियों को नोटिस देकर जल्द ही मांग पूरा करने को कहा है। वहीं पदाधिकारियों का कहना है कि अगर जल्द ही अधिकारियों ने कोई फैसला नहीं लिया तो वह एक बार फिर से कार्य बहिष्कार करने के बाद हड़ताल कर देंगे। वहीं अगर संविदा कर्मचारी हड़ताल पर गए तो एक बार फिर से शहर की बिजली व्यव्स्था ठप हो सकती है।
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ के मध्यांचल उपाध्यक्ष द्वारा 11 सूत्रीय मांगों को लेकर सर्किट हाउस के सामने मुख्य अभियंता कार्यालय पर पिछले माह कार्य बहिष्कार करने के बाद धरना प्रदर्शन किया गया था। जिसके बाद 24 नवंबर को अधीक्षण अभियंता विकास सिंघल और कर्मचारियों की 10 बिंदुओं पर सहमति बनी। अधिकारियों ने आठ दिन में समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया था। लेकिन अभी तक कर्मचारी की मांगों को पूरा नहीं किया गया है। मांगो को लेकर अधीक्षण अभियंता से मध्यांचल उपाध्यक्ष मुकेश कुमार कठेरिया कि कई बार वार्ता हो चुकी है।
मध्यांचल उपाध्यक्ष ने अधीक्षण अभियंता से कहा आपके द्वारा जो समय वार्ता में दिया गया उसका समय निकल गया है। समय रहते हुए हमारी समस्याओं का निस्तारण करा दिया जाए अन्यथा की स्थिति में संघ द्वारा आपके कार्यालय के समक्ष कभी भी धरना प्रदर्शन किया जा सकता है। कर्मचारियों ने अधिकारियों की चेतवानी दी है कि धरना प्रदर्शन के दौरान अगर बिजली को लेकर शहर में किल्लत होती है तो उसकी जिम्मेदारी अधिकारियों की होगी।
