हल्द्वानी में बनेगी उत्तराखंड की पहली हाईटेक वॉटर टेस्टिंग लैब

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बबीता पटवाल, अमृत विचार, हल्द्वानी। घरों में प्रयोग हो रहे पेयजल की जांच अब हल्द्वानी में ही तैयार होने जा रही राज्य की पहली अत्याधुनिक लैब में हो सकेगी। लैब की जांच रिपोर्ट पूरे देश में मान्य होगी। जल संस्थान की ओर से तकरीबन 2.5 करोड़ रुपए का आकलन तैयार कर लिया गया है। मुख्यालय से …

बबीता पटवाल, अमृत विचार, हल्द्वानी। घरों में प्रयोग हो रहे पेयजल की जांच अब हल्द्वानी में ही तैयार होने जा रही राज्य की पहली अत्याधुनिक लैब में हो सकेगी। लैब की जांच रिपोर्ट पूरे देश में मान्य होगी। जल संस्थान की ओर से तकरीबन 2.5 करोड़ रुपए का आकलन तैयार कर लिया गया है। मुख्यालय से बजट प्रस्तावित होते ही लैब का काम शुरू हो जाएगा।

हल्द्वानी के देवलचौड़ स्थित बंदोबस्ती क्षेत्र में उत्तराखंड की पहली हाईटेक वॉटर टेस्टिंग लैब बनाने की तैयारी की जा रही है। इस लैब में अत्याधुनिक मशीनों से पानी की जांच की जाएगी। लैब की रिपोर्ट पूरे देश में मान्य हो, इसके लिए इसे राष्ट्रीय परीक्षण एवं आकलन प्रयोगशाला सत्यापन बोर्ड (एनएबीएल) में रजिस्टर्ड कराया जाएगा।

लैब के लिए मुख्यालय ने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता संजय श्रीवास्तव से आकलन मांगा था। ईई ने करीब ढाई करोड़ रुपये का आकलन तैयार किया है। इस लैब का डिजाइन एक निजी फर्म ने तैयार किया है। बता दें कि 80 फीसदी बीमारियां पानी की वजह से होती हैं। पानी की जांच होने से इसे शुद्ध करने में मदद मिलेगी। अधिकारियों के मुताबिक लैब में पानी के बैक्टोलॉजिकल, फिजियो कैमिकल व मैटल पैरामीटर की जांच हो सकेगी। नई मशीनें आने के बाद जांच की गुणवत्ता बढ़ जाएगी।

पानी के नमूनों की 19 से 25 बार होगी जांच
हल्द्वानी के ईई संजय श्रीवास्तव के अनुसार लैब में हाईटेक मशीनें आने के बाद विभाग इसे राष्ट्रीय परीक्षण एवं आकलन प्रयोगशाला सत्यापन बोर्ड से रजिस्टर्ड करवाएगा। इसमें विभाग की ओर से लिए जाने वाले पानी के नमूनों की 19 से 25 बार जांच की जाएगी। इसकी रिपोर्ट पूरे देश में मान्य होगी।

पेयजल सैंपल की जांच को लेकर सरकार गंभीर है। हल्द्वानी में राज्य की पहली हाईटेक लैब बनने जा रही है। इसकी मंजूरी मिल गई है। लैब तैयार होने के बाद इसकी एनएबीएल से मान्यता ली जाएगी। इसकी रिपोर्ट पूरे भारत में मान्य होगी।

– संजय श्रीवास्तव, ईई, जल संस्थान

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