हल्द्वानी: देश भर के शहद नमूनों की जांच होगी ज्योलीकोट में
हल्द्वानी, अमृत विचार। मौन पालन को बढ़ावा देने के लिए हल्द्वानी में 18 से 20 दिसंबर तक इंटरनेशनल हनी बी फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। इसमें मुख्यमंत्री के अलावा देश-विदेश के वैज्ञानिक भी हिस्सा लेंगे। फेस्टिवल का उद्देश्य ज्योलीकोट शहद उत्पादन के तौर पर अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है। उद्यान निदेशक ने कहा कि ज्योलीकोट में …
हल्द्वानी, अमृत विचार। मौन पालन को बढ़ावा देने के लिए हल्द्वानी में 18 से 20 दिसंबर तक इंटरनेशनल हनी बी फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। इसमें मुख्यमंत्री के अलावा देश-विदेश के वैज्ञानिक भी हिस्सा लेंगे। फेस्टिवल का उद्देश्य ज्योलीकोट शहद उत्पादन के तौर पर अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है। उद्यान निदेशक ने कहा कि ज्योलीकोट में देश का सबसे पुराना मौन पालन केंद्र है। यहां जल्द ही शहद जांचने की लैब स्थापित होगी जिसमें पूरे देश के शहद की जांच हो सकेगी।
उद्यान निदेशक डा. एचएस बवेजा ने रामपुर रोड स्थित एक होटल में वार्ता के दौरान कहा कि हमें मधुमक्खी के महत्व को समझने की जरूरत है। हम जो भी वस्तु खाते हैं उसमें से हर तीसरी वस्तु के उत्पादन में मधुमक्खी की अहम भूमिका होती है। कहा कि शोधों में यह भी पता चला है कि मधुमक्खी कोरोना पॉजिटिव मरीज की पहचान कर सकती है।
शहद हमारे शरीर को स्वस्थ्य रखने में बहुत मदद करता है। मधुमक्खी का डंक हमारे लिए जहर नहीं है बल्कि यह वरदान है। इसलिए सामूहिक रूप से मधुमक्खी को बचाना होगा। कहा कि हल्द्वानी में होने वाले इंटरनेशनल हनी बी फेस्टिवल में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल, खाद्य मंत्री बंशीधर भगत के अलावा देश विदेश के वैज्ञानिक और विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। कहा कि स्थानीय स्तर पर शहद की ब्रांडिंग के लिए सिंगापुर और स्विट्जरलैंड की एक-एक और अमेरिका की दो कंपनियों के साथ समझौता होगा। इस दौरान अपर निदेशक जगदीश चंद्र, समन्वयक डा. सुरभि पांडे, संयुक्त निदेशक कुमाऊं हरीश चंद्र तिवारी, मुख्य उद्यान अधिकारी नैनीताल भावना जोशी थे।
