पीलीभीत: ग्रामीण बोले- माला स्टेशन नहीं तो वोट नहीं
गजरौला,अमृत विचार। 64 दिनों से गजरौला में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन चल रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि माला स्टेशन को स्टेशन बनाया जाए। एक तरफ रेल विभाग की ओर से अभी तक कोई भी सकारात्मक जवाब नहीं मिला है। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का कहना है जब चुनाव नजदीक आते हैं तब तक नेता दिखाई देते …
गजरौला,अमृत विचार। 64 दिनों से गजरौला में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन चल रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि माला स्टेशन को स्टेशन बनाया जाए। एक तरफ रेल विभाग की ओर से अभी तक कोई भी सकारात्मक जवाब नहीं मिला है। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का कहना है जब चुनाव नजदीक आते हैं तब तक नेता दिखाई देते हैं।
जीतने के बाद विधायक के दर्शन तक नहीं होते हैं। जब तक माला स्टेशन नहीं बनेगी तब यह अनिश्चितकालीन धरना चलता रहेगा।
पिछले 64 दिनों से माला स्टेशन को स्टेशन बनाए जाने को लेकर आक्रोशित लोग धरना दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है की माला स्टेशन हॉल्ट में तब्दील हो गया तो 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करना सुनिश्चित है।
हम सब ग्रामीण मताधिकार का प्रयोग नहीं करेंगे। कहा कि सभी पार्टी के नेता 65 दिनों में मात्र एक दिन अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन में उपस्थित हुए। वहीं गुरुवार को पहुंचे भाजपा प्रत्याशी स्वामी प्रवक्ता नंद धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि ये काम मंत्री का है मेरा नहीं। इससे नाराज होकर ग्रामीणों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
प्रदर्शनकारियों में प्रदीप मित्रा, जीवन हलदर, भरत विश्वास, विनय वाला, सत्यजीत सरकार, गोविन्द सरकार, सुराज मिस्त्री, अमित राय, अमृत कुमार, तारक कुमार, विनय वारोई, सुरंजन सरदार, विश्वजीत मंडल, अनुकूल विश्वास, कृष्ण सरकार सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
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