रुद्रपुर: मुन्ना भाई बनकर कर दी थी एलटी भर्ती परीक्षा, जांच में हुआ खुलासा

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रुद्रपुर, अमृत विचार। उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग के एलटी शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े के आखिरी आरोपी शिक्षक को पुलिस ने बरेली से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले दो साल से फरार चल रहा था और पुलिस ने उस पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था। वही मंगलवार को भी पुलिस ने फर्जीवाड़े के …

रुद्रपुर, अमृत विचार। उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग के एलटी शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े के आखिरी आरोपी शिक्षक को पुलिस ने बरेली से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले दो साल से फरार चल रहा था और पुलिस ने उस पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था। वही मंगलवार को भी पुलिस ने फर्जीवाड़े के एक आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार किया था। फर्जीवाड़े में पुलिस के सामने 11 लोगों के नाम सामने आये थे। जिनमें से 10 को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

सीओ सिटी अभय सिंह ने बताया कि वर्ष 2019 में उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग द्वारा एक सहायक अध्यापक एलटी की एक लिखित प्रतिभागी परीक्षा हुई थी। जिसमें सुनियोजित षडयंत्र के तहत रजबपुर अमरोहा निवासी विजयवीर ने 22अभ्यर्थियों के नाम पर लिखित परीक्षा में धांधली करवाई। बताया कि षडयंत्र का आखिरी आरोपी शिक्षक रिंकू कुमार निवासी दाङी महमूदपुर पोस्ट अकबरपुर स्याली उमरी चौक थाना छजलेट जिला मुरादाबाद सरकारी प्राथमिक स्कूल नवाबगंज, बरेली में पढ़ा रहा था।

मंगलवार देर रात पुलिस ने उसे नवाबगंज से गिरफ्तार कर लिया है। बताया कि एलटी शिक्षक भर्ती परीक्षा के फर्जीवाड़े में नामजद सभी 11 आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। यह आखिरी आरोपी था जो पिछले दो साल से फरार चल रहा था। पुलिस ने इस पर पांच हजार का इनाम भी घोषित किया था। इस दौरान पुलिस टीम में सीओ सिटी अभय सिंह, एसओजी प्रभारी कमलेश भट्ट, सिपाही भूपेंद्र आर्या, भूपेंद्र सिंह रावत, प्रभात चौधरी, प्रमोद कुमार, गणेश पाण्डे और राजेंद्र कश्यप आदि शामिल थे।
यह था मामला —

रुद्रपुर। सीओ सिटी अभय सिंह और विवेचक निरीक्षक धीरेंद्र कुमार ने बताया कि वर्ष 2019 में उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग द्वारा एक सहायक अध्यापक एलटी की भर्ती परीक्षा वर्ष 2018 में आयोजित कराई थी। जिसमें साल्वर गैंग के सरगना सर्वेश यादव और देवेंद्र यादव ने कुछ लोगों को दो-दो लाख रुपये का लालच देकर असली प्रतिभागियों के स्थान पर लिखित परीक्षा दिलवाई गई। मामले का खुलासा आयोग को शिकायत मिलने और ओएमआर शीट पर एक ईमेल आईडी पाये जाने पर हुआ था।

जिसके बाद जांच में ओएमआर शीट के भरे जाने वाले गोल घेरे में और शब्दों में लिखे रोल नंबर में भिन्नता पाई गई। मामले में कार्रवाई के लिए आयोग के सचिव राजेंद्र नैथानी ने पुलिस को तहरीर देकर रायपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके बाद जांच में कुछ लोगों के नाम सामने आने पर वर्ष 2019 में एसआईटी गठित की गई। जिसकी जांच देहरादून में नियुक्त निरीक्षक राकेश गौसाई को सौंपी गई। वही जांच में 11 लोगों द्वारा ऊधमसिंह नगर जिले में परीक्षा देने की बात सामने आने पर इनकी जांच थाना ट्रांजिट कैंप में निरीक्षक धीरेंद्र कुमार को सौंपी गई। जांच के सही पाये जाने के बाद पुलिस ने 8 मार्च 2020 को 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया और शेष दो को मंगलवार और बुधवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

इन 11 लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
रुद्रपुर। सहायक अध्यापक एलटी की भर्ती परीक्षा में जिले के केंद्रो पर परीक्षा देने वाले 11 लोगों के नाम सामने आये थे। इन 11 लोगों मे देवेंद्र यादव निवासी चांदपुर बिजनौर, सर्वेश कुमार यादव निवासी अमरोहा, सुरेश कुमार निवासी कांठ, मुरादाबाद, अवतार सिंह निवासी जसपुर, अनिल कुमार निवासी जसपुर, धर्मेंद्र कुमार निवासी जसपुर, अंकित निवासी काशीपुर, अचल निवासी जसपुर और सोनू निवासी जसपुर, विजयवीर निवासी अमरोहा और रिंकू कुमार निवासी मुरादाबाद शामिल है। इन लोगों में से 9 लोगों को पुलिस 8 मार्च 2020 को गिरफ्तार कर पहले की जेल भेज चुकी थी। जिसमें से विजयवीर को बीते सोमवार और रिंकू को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है।

साल्वर गैंग नाम से चलाते थे अपना गैग
रुद्रपुर। फर्जीवाड़े का यह गैग मुख्य सरगना साल्वर गैंग नाम से चलाते थे। मुख्य सरगना में देवेंद्र यादव और सर्वेश यादव शामिल है। यह दोनो अपने गैंग में पढ़े-लिखे समझदार लोगों को पैसो का लालच देकर उनसे असली प्रतिभागियों के स्थान पर परीक्षा दिलाते थे।

यह तरीका थे अपनाते
रुद्रपुर। विवेचक निरीक्षक धीरेंद्र कुमार ने बताया कि यह लोग फर्जीवाड़े के लिए असली और नकली प्रतिभागी के फार्म में फोटो, हस्ताक्षर मैच कर कर फार्म भरते थे और प्रवेश पत्र मिलने पर असली और नकली प्रतिभागी एकसाथ एग्जाम देने जाते थे। फिर नकली प्रतिभाग असली का रोल नंबर अपनी ओएमआर शीट में गोल घेरे में भर देता था। वही जिसके अंक असली प्रतिभागी के रोल नंबर को मिल जाते थे। फर्जीवाड़े का खुलासा शब्दों में नकली प्रतिभागी द्वारा अपना रोल नंबर डालने और एक ही ईमेल आईडी अंकित करने पर हुआ।

गैंग में छः शिक्षक, एक फायर कर्मी और एक बंदी रक्षक है शामिल
रुद्रपुर। निरीक्षक धीरेंद्र कुमार ने बताया कि गैंग में छः शिक्षक, एक फायर कर्मी और एक बंदी रक्षक शामिल है। इनमें शिक्षकों में अनिल कुमार, धर्मेंद्र कुमार, अंकित, अचल, विजयबीर और रिंकू कुमार के नाम है। वही फायर कर्मी मुख्य सरगना देवेंद्र कुमार यादव और हल्द्वानी में बंदी रक्षक अवतार सिंह है। इसके अलावा अन्य निजी संस्थानों में कार्यरत है।

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