काशीपुर: स्टोन क्रशरों के खिलाफ दूसरे दिन भी जारी रही भूख हड़ताल

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Edited By Amrit Vichar
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काशीपुर, अमृत विचार। अवैध खनन और जल दोहन कर रहे स्टोन क्रशरों के खिलाफ ग्राम जुड़का में दूसरे दिन ग्राम गुलजारपुर के ग्राम प्रधान समेत दो लोग भूख हड़ताल पर बैठे। रविवार को पांच महिलाएं भूख हड़ताल पर बैंठेगी। जल एवं पर्यावरण सुरक्षा समिति 24 फरवरी से ग्राम जुड़का में अवैध खनन और जल दोहन …

काशीपुर, अमृत विचार। अवैध खनन और जल दोहन कर रहे स्टोन क्रशरों के खिलाफ ग्राम जुड़का में दूसरे दिन ग्राम गुलजारपुर के ग्राम प्रधान समेत दो लोग भूख हड़ताल पर बैठे। रविवार को पांच महिलाएं भूख हड़ताल पर बैंठेगी।

जल एवं पर्यावरण सुरक्षा समिति 24 फरवरी से ग्राम जुड़का में अवैध खनन और जल दोहन के विरोध में क्षेत्र के तीन स्टोन क्रशरों के खिलाफ धरना दे रही है। भाकियू, भीम आर्मी और अन्नदाता संगठन भी पर्यावरण सुरक्षा समिति के साथ एसडीएम कार्यालय का घेराव कर धरना दे चुके हैं। वहीं, समिति ने शुक्रवार से भूख हड़ताल शुरू कर दी है। शनिवार को ग्राम प्रधान रकविंद्र सिंह उर्फ रिंकू व अमनदीप सिंह भूख हड़ताल पर बैठे।

इस दौरान धरना स्थल पर ग्रामीणों और किसानों की पंचायत हुई। वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र के तीन स्टोन क्रशर पोकलैंड व जेसीबी की मदद से मानकों को ताख पर रखकर सरकार की खनन नीति के आदेशों की आड़ में 80 से 100 फीट तक गहरे गड्ढे खोदकर खनन कर रहे हैं। इन गड्ढों में आठ से 10 इंच तक के दर्जनों पंप सेट लगाकर पानी आसपास की नदियों तथा नहरों में छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और किसान सात मार्च को डीएम के घेराव के निर्णय पर अडिग हैं।

जब तक मामले की जांच और खोद गये गड्ढों को निकाले गये खनन से बंद नहीं किया जाता, उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। वहां समिति अध्यक्ष रेशम सिंह, भाकियू युवा प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह जीतू, भीम आर्मी जिलाध्यक्ष अजय गौतम, होशियार सिंह, मोहन सिंह मोनू, बब्बू विर्क, हरदीप सिंह, जनावर सिंह, सुमित जायसवाल, सूरज प्रकाश आदि मौजूद रहे।

मिट्टी माफिया सरकार को लगा रहे चूना
नानकमता। प्रशासन की अनदेखी से मिट्टी माफिया के हौसले बुलंद हैं। दो सौ घन मीटर की अनुमति लेकर माफिया हजारों घन मीटर मिट्टी उठा लेते हैं। लेकिन प्रशासन इस खेल से अनजान बना हुआ है। इससे राजस्व की भारी हानी हो रही है।
थाना क्षेत्र में खनन माफिया मिट्टी खनन के नाम पर दो दिन के लिऐ दो सौ घन मीटर मिट्टी उठाने की अनुमति लेकर खेतों की उपजाऊ मिट्टी को जेसीबी की मदद से खोद रहे हैं। आरोप है कि माफिया अनुमति से कई गुना ज्यादा मिट्टी खोद कर रातों रात ले जा रहे हैं। इससे जहां खेतों की उपजाऊ मिट्टी खत्म हो रही है वहीं, सरकार को भी लाखों रुपये के राजव्य का नुकसान हो रहा है। ग्रामीण बताते हैं इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को देते हैं तो अधिकारी भी इसे नजरअंदाज कर देते हैं जिससे मिट्टी माफिया के हौसले बुलंद है।

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