रुद्रपुर: तो क्या ऊधमसिंह नगर जिले से ही चुनाव लड़ेंगे धामी…

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रुद्रपुर, अमृत विचार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चुनाव लड़ने पर संशय अभी जारी है। अब इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि मुख्यमंत्री ऊधमसिंह नगर जिले से ही चुनाव लड़ेंगे। चर्चायें तो यहां तक भी हैं कि रुद्रपुर सीट पर भी मुख्यमंत्री को चुनाव लड़ाया जा सकता है। मुख्यमंत्री रहते हुये पुष्कर …

रुद्रपुर, अमृत विचार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चुनाव लड़ने पर संशय अभी जारी है। अब इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि मुख्यमंत्री ऊधमसिंह नगर जिले से ही चुनाव लड़ेंगे। चर्चायें तो यहां तक भी हैं कि रुद्रपुर सीट पर भी मुख्यमंत्री को चुनाव लड़ाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री रहते हुये पुष्कर सिंह धामी खटीमा से छह हजार से ज्यादा वोटों से हार गये। उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी तो दोबारा मिल गयी लेकिन सुरक्षित विधानसभा सीट खोजना भाजपा के लिये टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। हालांकि, कई विधायक मुख्यमंत्री के लिये सीट खाली करने को तैयार हैं लेकिन भाजपा इस मामले में थोड़ा सतर्क है।

धामी की हार के बड़े अंतर की वजह से भाजपा में थोड़ी ज्यादा चिंता है। इतने बड़े अंतर से हार के बाद माना जा रहा है कि यह अप्रत्याशित नहीं है। यानी जनता के अंदर नाराजगी थी। इस नाराजगी का असर वोटों के अंतर के रूप में दिखा है। इसी की वजह से पार्टी सुरक्षित सीट की तलाश में है।

फिलहाल, पूरा फोकस ऊधमसिंह नगर जिले की सीटों पर आकर रुक गया है। इन्हीं सीटों में से किसी सुरक्षित सीट की तलाश की जा रही है। इसमें रुद्रपुर सीट को भी मुख्यमंत्री के लिये मुफीद माना जा रहा है। जिस तरह से विपरीत परिस्थितियों में भी भाजपा ने रुद्रपुर से जीत हासिल की है। उससे तय हो गया है कि रुद्रपुर अब भाजपा का अभेद गढ़ बन चुका है।

अगर जिले से बाहर जाने की बात करें तो लालकुआं व कालाढूंगी सीट ही भाजपा को ठीक नजर आ रही है। दरअसल, भाजपा मुख्यमंत्री को उस सीट से ही चुनाव लड़ाना चाहती है। जहां पर ध्रुवीकरण का खतरा कम हो। हरिद्वार की खानपुर सीट पार्टी के इस पैमाने पर खरा नहीं उतर रही है। यहां पर ध्रुवीकरण का खतरा है।

 ‘बाहरी ‘ का ठप्पा भी बन रहा खतरा
रुद्रपुर। विधानसभा चुनाव में लालकुआं सीट पर भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ ‘बाहरी ‘ शब्द का खूब इस्तेमाल किया था। चुनाव में तो इस शब्द के सहारे सफलता मिल गई लेकिन अब यह शब्द बडे़ खतरे के रूप में सामने आया है। यदि मुख्यमंत्री को ऊधमसिंह नगर से कहीं बाहर ले जाकर चुनाव लड़ाया जाता है तो उनके खिलाफ भी विरोधी ‘बाहरी ‘ शब्द का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके चलते पार्टी का एक तबका ऊधमसिंह नगर की ही किसी सीट से चुनाव लड़ाने की पैरवी कर रहा है। इस मुद्दे पर भाजपा को कोई भी नेता कुछ बोलने को तैयार नहीं है। कहा जा रहा है कि यह ‘ऊपर’ का मामला है।

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