हल्द्वानी: गौला कॉरपस फंड से होगी पशु चिकित्सकों व फार्मासिस्टों की नियुक्ति

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हल्द्वानी, अमृत विचार। तराई भाबर के जंगलों में मानव वन्य जीवों के टकराव पर होने वाले कॉर्बेट टाइगर रिजर्व और नैनीताल जू के पशु चिकित्सकों व संसाधनों पर निर्भरता खत्म होगी। गौला कॉरपस फंड से पशु चिकित्सकों व फार्मासिस्टों की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही ट्रैंकुलाइज गन, नेट व अन्य जरूरी उपकरण भी जुटाए जाएंगे। …

हल्द्वानी, अमृत विचार। तराई भाबर के जंगलों में मानव वन्य जीवों के टकराव पर होने वाले कॉर्बेट टाइगर रिजर्व और नैनीताल जू के पशु चिकित्सकों व संसाधनों पर निर्भरता खत्म होगी। गौला कॉरपस फंड से पशु चिकित्सकों व फार्मासिस्टों की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही ट्रैंकुलाइज गन, नेट व अन्य जरूरी उपकरण भी जुटाए जाएंगे।

प्रमुख वन संरक्षक विनोद सिंघल ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए गौला कॉरपस फंड की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने फंड के इस्तेमाल का मानव वन्यजीव टकराव के खात्मे करने पर जोर दिया। इसके बाद तय हुआ कि पश्चिमी वन वृत्त में मानव वन्यजीव की रोकथाम के लिए पशु चिकित्सकों व फार्मासिस्टों की नियुक्ति की जाएगी।

वहीं, आपात घटना पर काबू पाने के लिए ट्रैंकुलाइज गन, नेट  व अन्य तकनीकी संसाधन भी जुटाए जाएंगे। इसके अलावा फंड का इस्तेमाल जैव विविधता बढ़ाने व खनन से प्रभावित जंगलों में वनीकरण के लिए भी होगा। पीसीसीएफ से अनुमति मिलने के बाद पश्चिमी वन वृत्त के अधिकारी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पश्चिमी वन वृत्त में सबसे ज्यादा होता है मानव वन्यजीव टकराव : पश्चिमी वन वृत्त में तराई पूर्वी, तराई केंद्रीय, तराई पश्चिमी, हल्द्वानी एवं रामनगर वन डिवीजन शामिल हैं। राज्य का सबसे बड़ा वन वृत्त नैनीताल, ऊधम सिंह नगर से चंपावत तक फैला हुआ है।

इसमें नंधौर अभ्यारण्य, सुरई, रामनगर, टांडा जैसे जंगल भी हैं जिनमें बाघ, तेंदुए, हाथियों और सांप से संघर्ष की घटनाएं सामने आती हैं। मानव वन्यजीव संघर्ष की घटना होने पर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व और नैनीताल जू से पशु चिकित्सकों को बुलाया जाता है। इसमें काफी समय लग जाता है जो इंसान और वन्यजीव दोनों के लिए मुसीबत बन जाता है।

पहले भी हो चुकी है तैनाती : गौला कॉरपस फंड से पहले भी पशु चिकित्सकों की तैनाती की गई है। डॉ. आयुष उनियाल भी इसी फंड से तैनात किए गए हैं। इसे अलावा क्यूआरटी का भी गठन किया गया था इसमें ट्रैंकुलाइज गन, कंबल, पिंजड़ा, बेहोशी की दवाइयां आदि उपकरण जुटाए गए थे।

गौला कॉरपस फंड से पश्चिम वन वृत्त में पशु चिकित्सकों व फार्मासिस्टों की नियुक्ति की जाएगी। इसका मकसद पश्चिमी वन वृत्त के जंगलों में मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करना है। – दीप चंद्र आर्य, वन संरक्षक पश्चिमी वन वृत्त

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