रामपुर : राजस्व टीम को देखकर तीसरी मंजिल से कूदा 72 लाख का बकाएदार, बवाल
रामपुर,अमृत विचार।राजस्व टीम को देखकर स्टांप ड्यूज के 72 लाख का बकाएदार तीसरी मंजिल से कूद गया इसके बाद बकाएदार के परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। परिजन पुलिस और राजस्व टीम पर बकाएदार को छत से धक्का देने का आरोप जड़ रहे हैं। पुलिस ने घायल बकाएदार को टीन शेड से उठाकर एंबुलेंस से …
रामपुर,अमृत विचार।राजस्व टीम को देखकर स्टांप ड्यूज के 72 लाख का बकाएदार तीसरी मंजिल से कूद गया इसके बाद बकाएदार के परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। परिजन पुलिस और राजस्व टीम पर बकाएदार को छत से धक्का देने का आरोप जड़ रहे हैं। पुलिस ने घायल बकाएदार को टीन शेड से उठाकर एंबुलेंस से जिला अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन, बकाएदार की हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने उसे मुरादाबाद के एक अस्पताल के लिए रेफर कर दिया है।
शुक्रवार की सुबह नायब तहसीलदार संजय कुमार के नेतृत्व में संग्रह अमीन मदनपाल अन्य अमीनों के साथ थाना सिविल लाइंस पुलिस को लेकर जिले के टॉप टेन में नंबर वन स्टांप देय बकाएदार गफ्फार हुसैन पुत्र जब्बार हुसैन निवासी मोहल्ला मैगजीन हाल निवासी थाना टीन से 72 लाख रुपये की स्टांप देय वसूली के लिए उसके आवास पर पहुंचे। गफ्फार के मकान का दरवाजा बंद था। दरवाजा खटखटाने पर गफ्फार का भाई गुफरान बाहर आया और उसने बताया कि गफ्फार घर पर नहीं है और यह कहकर दरवाजा बंद कर दिया। बहुत पुकारने पर भी उसके द्वारा दरवाजा नहीं खोला गया। नायब तहसीलदार ने मोबाइल से तहसीलदार को सूचना दी। थोड़ी ही देर में मौके पर तहसीलदार सदर पहुंच गए। उन्होंने भी आवाज लगाकर गफ्फार को बाहर बुलाने और पैसा जमा करने के लिए कहा लेकिन, दरवाजा नहीं खोला गया। आसपास पूछताछ करने पर मोहल्ले के लोगों ने बताया कि गफ्फार घर पर ही है।

तहसीलदार सदर ने प्रभारी निरीक्षक सिविल लाइंस को बुला लिया और मौके पर सीओ सिटी भी पहुंच गए। भारी पुलिस बल और राजस्व विभाग की टीम को देखकर गफ्फार और उसके परिजन घबरा गए और मकान की तीसरी मंजिल की छत पर चढ़ गए और रस्सी के सहारे गफ्फार को मकान के पीछे से उतारने लगे। गफ्फार का वजन अधिक होने और रस्सी के कमजोर होने के कारण रस्सी टूट गई और गफ्फार पड़ोस की मकान की टीनों पर जा गिरा। जिसके कारण वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। यह देखकर छत पर खड़े गफ्फार के परिजन जोर-जोर से चिल्लाने लगे। जोर की आवाज चीख पुकार की आवाजें सुनकर राजस्व टीम और पुलिस अधिकारी गलियों में होते हुए उस स्थान पर पहुंचे।
घायल बकाएदार को पुलिस ने उठाया
टीन शेड पर घायलावस्था में पड़े गफ्फार को पुलिस ने उठाया इस बीच गफ्फार की पत्नी और भाई गुफरान और तीन अन्य व्यक्ति शोर शराबा करने और पास जाने पर वह लोग टीम पर हमलावर हो गए और हाथ हिलाते हुए गाली देने लगे। शोर मचाकर मोहल्ले के काफी लोग इकट्ठा कर लिए। बवाल की सूचना पाकर सीओ सिटी अनुज चौधरी समेत प्रभारी निरीक्षक गंज और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली मय फोर्स के मौके पर पहुंच गए। पुलिस वाले सीढ़ी लगाकर टीन शेड पर चढ़े और घायल गफ्फार को चारपाई पर डालकर नीचे उतारा और एंबुलेंस बुलाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
परिजनों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप
तहसीलदार सदर प्रमोद कुमार ने बताया कि बकाएदार गफ्फार और उसके परिजनों ने सरकारी कार्य में बाधा डाली और राजस्व एवं पुलिस फोर्स पर हमलावर हुए गाली गलौच करने के साथ ही बकाएदार को छत से उतारकर भगाने का प्रयास किया है। परिजनों की लापरवाही के कारण गफ्फार छत से गिरा और घायल हुआ है। वर्तमान में 2741490 से बढ़कर रिकवरी 72 लाख की हो गई है। इससे पहले दबिश देने पर गफ्फार द्वारा दो बार पैसा जमा किया जा चुका है। इस मामले में थाना सिविल लाइंस में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
वर्ष 2012 से 2017 तक चल चुका है कोर्ट में मुकदमा
स्टांप ड्यूज के मामले में गफ्फार हुसैन पर वर्ष 2012 से 2017 तक एडीएम एफआर की कोर्ट में मुकदमा चल चुका है। जिसमें गफ्फार मुकदमा हार गया था और प्लस-माइनस 1.5 प्रतिशत माह की दर से ब्याज वसूली के साथ स्टांप ड्यूज जमा करने के आदेश दिए गए थे।
डीएम, एडीएम और एआईजी स्टांप के चलता है मुकदमा
तहसीलदार सदर प्रमोद कुमार ने बताया कि बैनामा कराने के दौरान वास्तविक कीमत से कम के स्टांप लगाए जाने पर डीएम, एडीएम एफआर और एआईजी स्टांप की कोर्ट में मुकदमा चलता है। कोर्ट द्वारा प्रतिवादी को नोटिस भेजा जाता है और सुनवाई के लिए समय भी दिया जाता है। प्रतिवादी द्वारा साक्ष्य नहीं दिए जाने पर बकाया स्टांप शुल्क और पैनाल्टी जमा करनी होती है।
स्टांप ड्यूज के तीन करोड़ डकारे हुए हैं लोग
जिले में स्टांप ड्यूज के करीब 150 मामले हैं और लोगों पर लगभग तीन करोड़ रुपये स्टांप ड्यूज के बकाया हैं। स्टांप ड्यूज के टॉप टेन बकाएदारों में गफ्फार हुसैन नंबर वन पर है। गफ्फार पर स्टांप ड्यूज के 72 लाख रुपये बकाया हैं।
परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा तो कमरे में बंद हुए नायब तहसीलदार
जिला अस्पताल में गफ्फार हुसैन के भर्ती होने के बाद अस्पताल पहुंचे उसके परिजनों ने अस्पताल में एक बार फिर हंगामा शुरू कर दिया। नायब तहसीलदार और राजस्व विभाग के कर्मचारियों को देखकर उनकी ओर दौड़े। नायब तहसीलदार और राजस्व विभाग के कर्मचारी ने जिला अस्पताल के एक कमरे में कमरा बंद कर जान बचाई। पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर शांत किया।
राजस्व विभाग की टीम शुक्रवार की सुबह गफ्फार हुसैन के निवास स्थान पर पहुंची। काफी प्रयास के बावजूद गफ्फार घर से बाहर नहीं निकला बल्कि फरार होने की फिराक में छत से गिरकर घायल हो गया। घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया वह स्टांप ड्यूज का 72 लाख रुपये का बकाएदार है।-प्रमोद कुमार, तहसीलदार सदर
राजस्व विभाग की टीम और पुलिस घर में घुस गई और छत पर गई और मेरे लड़के को छत से धक्का दे दिया। मेरा बेटा नगलिया आकिल का प्रधान है और कंट्रक्शन का काम करता है। उसपर कोई चोरी डकैती या किसी तरह का मुकदमा नहीं है बीस साल पहले जमीन खरीदी थी चुनावी रंजिश में यह मामला थोपा गया है। मेरे बेटे में अब्दुल्ला आजम का चुनाव लड़या था जिसके कारण भाजपा के नेता खफा हैं। -जब्बार हुसैन, गफ्फार हुसैन के पिता
ये भी पढ़ें : रामपुर: ‘रामपुर में एक और फैक्ट्री लगवाना चाहता है लुलु ग्रुप’
