रुद्रपुर: हत्या के आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा

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रुद्रपुर, अमृत विचार। पुरानी रंजिश के चलते युवक की हत्या करने के मामले में दो सगे भाइयों सहित चार हत्यारोपियों को प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आजीवन कारावास एवं 3400 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दीपक अरोड़ा ने बताया कि वाल्मीकि बस्ती महेशपूरा, काशीपुर निवासी चंद्रमुखी ने दर्ज कराई …

रुद्रपुर, अमृत विचार। पुरानी रंजिश के चलते युवक की हत्या करने के मामले में दो सगे भाइयों सहित चार हत्यारोपियों को प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आजीवन कारावास एवं 3400 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दीपक अरोड़ा ने बताया कि वाल्मीकि बस्ती महेशपूरा, काशीपुर निवासी चंद्रमुखी ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि 13 फरवरी 2013 की रात करीब नौ बजे क्षेत्र पंचायत घर में शादी समारोह चल रहा था। जहां पर उनके परिवार के लोग नाच गा रहे थे कि तभी पुरानी रंजिश के चलते पड़ोस के ही रहने वाले रामकिशोर चौहान, संजय चौहान, इन्द्रमोहन एवं विशाल ने उनके बेटे संजीव कुमार उर्फ संजू की चाकू व तमंचों से हमलाकर निर्मम हत्या कर दी थी।

इस दौरान वह एवं संजू की पत्नी मीरा बचाने गई तो उन पर भी फायरिंग की गई थी। उसके बाद हत्यारोपी धमकी देकर फरार हो गये थे। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर 15 फरवरी 2013 को संजय, रामकिशोर व विशाल को चैती चौराहा से गिरफ्तार कर लिया था। जिनकी निशानदेही पर पुलिस ने चाकू व तमंचा भी बरामद कर लिया था।

मामले के चौथे आरोपी इन्द्रमोहन ने न्यायालय में सरेंडर कर दिया था। चारों आरोपियों के खिलाफ प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील तोमर की कोर्ट में मुकदमा चला। जिसमें एडीजीसी दीपक अरोड़ा ने 18 गवाह पेश कर आरोप सिद्ध कर दिये। जिसके बाद न्यायाधीश सुशील तोमर ने चारों को धारा 302, 149 में आजीवन कारावास और दो-दो हजार रुपये जुर्माने की सजा, धारा 147 व 148 में एक-एक वर्ष के कठोर कारावास और दो -दो सौ रुपए जुर्माने, धारा 506 में एक वर्ष के कठोर कारावास और 500 रुपये जुर्माने व धारा 307 में 7 वर्ष के कठोर कारावास और 500 रुपये जुर्माने की सजा सुना दी।

इसके अलावा धारा 25 आर्म्स एक्ट में रामकिशोर व इन्द्रमोहन को दो-दो वर्ष के कठोर कारावास और दो-दो सौ रुपए जुर्माने व विशाल को धारा 4/25 आर्म्स एक्ट में दो वर्ष के कठोर कारावास और दो सौ रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

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