कानपुर: सीएसजेएमयू में एबीवीपी का प्रदर्शन, अकादमिक भवन किया बंद, छात्रा हुई बेहोश

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कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने पीएचडी, बीफार्मा की बढ़ी हुई फीस कम करने, छात्रावास और मेस का शुल्क सेमेस्टर आधार पर लेने, बैक पेपर शुल्क वापस करने समेत 17 सूत्रीय मांगों को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। कुलपति ने मांगों के संबंध में …

कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने पीएचडी, बीफार्मा की बढ़ी हुई फीस कम करने, छात्रावास और मेस का शुल्क सेमेस्टर आधार पर लेने, बैक पेपर शुल्क वापस करने समेत 17 सूत्रीय मांगों को लेकर जमकर प्रदर्शन किया।

कुलपति ने मांगों के संबंध में आश्वासन दिया, लेकिन छात्र लिखित आश्वासन पर अड़ गए। उन्होंने अकादमिक भवन को बंद कर नारेबाजी की। कुलपति समेत कई अधिकारी काफी देर तक अंदर ही रहे। पुलिस और निजी सुरक्षाकर्मियों के बीच हल्की धक्का मुक्की भी हुई। कार्यकर्ता देर शाम तक डटे रहे।

एबीवीपी कार्यकर्ता सुबह करीब साढ़े दस बजे विश्वविद्यालय पहुंचे। उन्होंने अकादमिक भवन में जाने का प्रयास किया तो सुरक्षाकर्मियों ने गेट को बंद कर दिया। कार्यकर्ताओं के साथ ही छात्र गेट फांदकर अंदर दाखिल हो गए और भवन परिसर में बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी।

एबीवीपी पदाधिकारियों ने पीएचडी की फीस 35 हजार, बीफार्मा की फीस 1.10 लाख रुपये किये जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के हॉस्टल शुल्क में पहले 11 महीने तक सुविधा मिलती थी, लेकिन अब 10 महीने कर दी गई है। औरैया के कॉलेज की एलएलबी की कापियां गायब हो गईं। वहां के छात्रों का भविष्य अंधकार में है।

पदाधिकारियों ने छात्रावास और मेस का शुल्क सेमेस्टर आधार पर लेने, हेल्थ साइंस इंस्टिट्यूट की ओर से लिए गए बैक पेपर शुल्क को वापस करने, लिंगदोह समिति के आधार पर छात्रसंघ चुनाव कराने, परीक्षा केंद्र बनाते समय दूरी को ध्यान में रखने, अतिरिक्त कक्षाएं चलाकर सत्र नियमित करने आदि मांगे भी उठाई। प्रदर्शन के दौरान छात्रा मोनिका गश खाकर गिर पड़ी।

उसे तुरंत विश्वविद्यालय के प्राथमिक केंद्र भेजा गया। छात्रों ने जमकर नारेबाजी की। कुछ जगह गमले समेत अन्य तोड़फोड़ हुई। कुलपति शाम साढ़े चार बजे भवन से निकल सके। देर शाम विश्वविद्यालय प्रशासन और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक चलती रही। दिनेश यादव, अविनाश, समरेंद्र समेत अन्य मौजूद रहे।

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