हल्द्वानी: तहसील के स्टांप विक्रेता ने होटल में जहर खाकर जान दी
हल्द्वानी, अमृत विचार। तहसील में स्टांप बेचने वाले एक व्यक्ति ने जहर खाकर जान दे दी। जहर खाने से पहले युवक ने जमकर शराब पी। पुलिस गुरुवार से ही उसकी तलाश में थी। शुक्रवार को एक होटल के बंद कमरे में उसकी लाश मिली। पुलिस ने दरवाजा तोड़ कर युवक के शव को बाहर निकाला। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है।
हरिपुर दमनसिंह चांदनी रामपुर रोड निवासी देवकी नंदन जोशी (40) पुत्र महेश चंद्र जोशी तहसील में स्टांप विक्रेता हैं। जबकि बड़ा भाई किशन चंद्र तहसील में ही प्रैक्टिस करते हैं। घर में पत्नी जानकी, मां विमल को दो बड़े भाई पूर्ण प्रकाश व संजय है। बताया जाता है कि गुरुवार को रोज की तरह देवकी अपनी बाइक लेकर काम पर जाने को निकला था। वह तहसील पहुंचा और कुछ देर काम करने के बाद बाइक तहसील में ही छोड़ कर चला गया। उसने मटरी गली के बगल में स्थित अशोक होटल में एक कमरा लिया।
वह अपने साथ शराब की बोतल, चिकन और सल्फास की गोलियां भी लेकर गया था। इससे पहले उसने फोन कर एक दोस्त को सूचना दी कि वह अपनी जान दे देगा। खबर घर पहुंची तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में उसकी खोज शुरू कर दी गई और सूचना पुलिस को दी, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला।
इधर, होटल के कमरे को अंदर से बंदकर देवकी ने आधा बोतल शराब पी, चिकन खाया और फिर सल्फाज खा लिया। परिजनों के साथ तलाश करती पुलिस जब होटल पहुंची तो कमरा अंदर से बंद मिला। जिसके बाद दरवाजा तोड़ कर शव को बाहर निकाला गया। देवकी के बड़े भाई पूर्ण प्रकाश का कहना है कि उन्हें भी समझ नहीं आ रहा कि उसने ऐसा क्यों किया।
आठ साल बाद भी नहीं हुआ था बच्चा
हल्द्वानी। देवकी नंदन की शादी वर्ष 2014 में जानकी से हुई थी, लेकिन उन्हें संतान नहीं थी। पूर्ण प्रकाश ने बताया कि जानकी का इलाज भी चल रहा था, लेकिन दोनों के बीच किसी बात को लेकर अनबन नहीं थी। वह जब घर से निकला तब भी कोई बात नहीं थी और न ही उसकी किसी के साथ दुश्मनी थी।
डीके पार्क में मिली थी मोबाइल लोकेशन
हल्द्वानी। जान की देने की धमकी के बाद परेशान परिजन लगातार देवकी को फोन करते रहे, लेकिन फोन नहीं उठा। इस खबर पर पुलिस ने उसके नंबर को सर्विलांस पर लगाया तो आखिरी लोकेशन डीके पार्क की मिली, लेकिन देवकी नहीं मिला। शुक्रवार को होटल कर्मचारियों ने सुसाइड की खबर दी।
