हल्द्वानी: मैं गाना लिखता नहीं बस हालात इसे शब्दों में उकेर देते हैं - अभिनव
हल्द्वानी, अमृत विचार। कवि, गायक और लेखक कुछ अलग नहीं करते बस अपने आस पास के हालातों के सजीव चित्रण को अपने शब्दों में उकेर देते हैं और लोगों को वो भा जाता है...यह कहना है उत्तराखंड के उभरते गायक अभिनव त्यागी का , जी हां वहीं अभिनव जिनका लिखा गीत शंभू पहाड़ों की ओर का विमोचन मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में बीती 25 जनवरी को सीएम धामी के द्वारा किया गया था।
देहरादून प्रेमनगर निवासी अभिनव ने शनिवार को हल्द्वानी पहुंचने पर अमृत विचार से हुई खास बातचीत पर बताया कि शंभू पहाड़ों की ओर गाना अनायास ही लिखा गया जिसमें उनके मित्र अतुल भट्ट ने भी मदद की, मुख्यमंत्री धामी ने जब उनका गाना सुना तो वह भाव विभोर हो गए और पलायन को लेकर चलाए जा रहे सरकारी कार्यक्रमों में गीत को शामिल करने की बात कही। अभिनव ने बताया कि सामाजिक मुद्दों, कुरीतियों पर वह कई अन्य गीतों पर काम कर रहे हैं जो कि जल्द ही पूरे हो जाएंगे। वहीं उनसे जब सवाल पूछा गया कि एक तरफ मुख्यमंत्री ने अपने ट्वीटर अकाउंट पर उनके गीत की प्रशंसा की तो वहीं कुछ आलोचकों ने उन्हें यह कहकर संबोधित किया कि वह पहाड़ से ताल्लुक नहीं रखते और यहां के दर्द को कैसे बयां कर सकते हैं इस पर उन्होंने जवाब दिया कि आपकी कामयाबी के पीछे आलोचकों का होना जरूरी है और जो लोग उन्हें पहाड़ का निवासी नहीं समझते उन्हें पता होना चाहिए कि उनकी मां कुमाऊं से ही हैं और पहाड़ से वह उतना ही वाकिफ हैं जैसे की कोई अंतिम छोर के दुर्गम इलाके का नन्हा बच्चा। उन्होंने कहा कि वैसे भी मैं वसुधैव कुटुंबकम पर यकीन रखता हूं ऐसे आलोचकों से ऊर्जा तो मिलती ही साथ ही कलम में धार और गायकी में अंदाज भी मिलता है जो कि मेरे भविष्य की योजनाओं को सार्थक करेगा।
