बरेली: पीएम आवास सूची में नाम फिर भी बना दिया अपात्र, जांच में खुलासा
बरेली, अमृत विचार। प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार हावी है। सुविधा शुल्क न मिलने पर पात्रों को अपात्र बना दिया जा रहा है। इसका खुलासा जिला कृषि अधिकारी की जांच में हुआ है। एडीओ पंचायत और ग्राम विकास अधिकारी की जांच में जिस गरीब को अपात्र दर्शाया गया, वह उनकी जांच में पात्र मिला। बावजूद आवास के लिए वह भटक रहा है। पीड़ित ने सुनवाई न होने पर मुख्यमंत्री से मामले की शिकायत करने की बात कही है।
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मामला फतेहगंज पश्चिमी के काशीपुर मजरा बफरी बुजुर्ग का है। ग्रामीण लल्लू वन ने बताया कि पात्रता सूची में उनका नाम क्रमांक 6 पर शामिल है। उसके नाम से पहले और बाद वाले लाभार्थियों के खाते में पैसा ट्रांसफर कर दिया गया, लेकिन, प्रधानपति से साठगांठ के चलते सचिव ने उनको अपात्र दर्शाकर योजना से वंचित कर दिया।
कमिश्नर से लेकर डीएम और सीडीओ से वह शिकायत कर चुके हैं। बीते दिनों जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र सिंह से मामले की जांच कराई गई तो उसमें चौकाने वाला खुलासा हुआ। कृषि अधिकारी की ओर से की गई जांच के मुताबिक लल्लू वन पीएम आवास योजना का पात्र है। जांच रिपोर्ट सीडीओ को सौंप दी गई है। वह जांच रिपोर्ट के आधार पर पीड़ित को पीएम आवास योजना का हर कीमत पर लाभ दिलाए जाने की बात कह रहे हैं, लेकिन कब तक आवास का लाभ मिलेगा, इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से पीड़ित ब्लाक से लेकर मुख्यालय तक चक्कर लगाने को मजबूर है।
साइकिल लगा रहे चक्कर, किराये के लिए पैसे तक नहीं
पीएम आवास के हकदार होने पर भी लल्लू वन ब्लाक से लेकर मुख्यालय तक साइकिल से चक्कर लगा रहे हैं। वह बताते हैं कि आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं की किराये से यहां तक आ सकें। पीएम आवास के लिए साइकिल से दौड़-भाग कर रहे हैं। बुधवार को विकास भवन पहुंचकर उन्होंने अफसरों को अपनी पीड़ा सुनाई, लेकिन आश्वासन देकर उन्हें टरका दिया गया।
पूर्व में किस आधार पर लल्लू वन को अपात्र दर्शाया गया। इसकी जांच कराई जाएगी। फिलहाल, कृषि अधिकारी की ओर से जो जांच रिपोर्ट मिली है, उसके आधार पर आवास का लाभ दिलाया जाएगा----जग प्रवेश, सीडीओ
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