रुद्रपुर: आक्रोशित व्यापारियों ने धरना देकर मुख्य बाजार में निकाला जुलूस
रुद्रपुर, अमृत विचार। राम मनोहर लोहिया मार्केट के व्यापारियों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा। अतिक्रमण की आड़ में पक्की दुकानें तोड़ी जाने के फरमान के विरोध में व्यापारियों ने बांह में काले फीते बांधकर दुकान के सामने धरना दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
नाराज व्यापारियों ने मुख्य मार्ग में जुलूस निकाल विरोध प्रदर्शन भी किया। मेयर रामपाल सिंह और पार्षद ने धरना स्थल पर पहुंचकर व्यापारियों को अपना समर्थन दिया। सोमवार को व्यापारियों के परिवार की महिलाएं उपवास पर बैठेंगी।
राम मनोहर लोहिया मार्केट के व्यापारियों की ओर से शनिवार को अनिश्चितकालीन दुकानें बंद करने और चाबियां विधायक शिव अरोरा को सौंपने के बाद रविवार को प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष संजय जुनेजा के नेतृत्व में व्यापारियों ने धरना-प्रदर्शन किया।
इसके बाद उन्होंने धरना स्थल से अग्रसेन चौक, रामलीला मैदान से वापस लोहिया मार्केट तक जुलूस निकाला। इस दौरान आक्रोशित व्यापारियों ने कहा कि व्यापारियों की तीन पीढ़ियां यहां पिछले 50 वर्ष से कारोबार कर रही हैं। वहीं अब रामनगर में आयोजित जी-20 समिट की आड़ में उनकी पक्की दुकानों को तोड़ा जा रहा है।
इसे व्यापारी किसी भी कीमत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस दौरान प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष जुनेजा ने बताया कि सोमवार को व्यापारियों के परिवार की महिलाओं ने उपवास में बैठने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि जब तक व्यापारियों की पक्की दुकानों को तोड़ने का निर्णय वापस नहीं होता तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
धरना स्थल पर ये व्यापारी रहे मौजूद
व्यापार मंडल के महामंत्री हरीश अरोरा, राम मनोहर लोहिया मार्केट अध्यक्ष आशु ग्रोवर, सुरेंद्र तनेजा, इंद्रजीत सिंह, शैलेंद्र ग्रोवर, विनोद ठुकराल, सेवा सिंह, सोहन लाल मदान, बलदेव ग्रोवर, अमरजीत सिंह, सूरज मुंजाल, रवि गुलाटी, राजीव जोशी, नंद किशोर, गगन कोहली, सोनू सम्राट, अनमोल खुराना, अश्विनी दुनेजा, बालकिशन बंसल, राजू सोनकर, बलजीत सिंह, राकेश कालरा, हरीश कालरा, प्रेम नारंग, अजय कक्कड़, सुभाष मुंजाल, श्याम ढींगरा, नरेंद्र चावला, हर्ष रावल, आशीष मुंजाल, जस्सा सिंह, सोनू श्रीवास्तव, बंटू बांगा, किशन खुराना, तिलक बांगा, हरीश आहूजा, बनारसी दास ठुकराल, राजकुमार बांगा समेत कई व्यापारी मौजूद रहे।
