लखनऊ : 7 बिल्डरों की बिक्री पर रोक, सीज होंगे खाते

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

 रिव्यू बैठक में न आने पर प्राधिकरण ने दिए कार्रवाई के निर्देश

लखनऊ, प्रयागराज, फिरोजाबाद, वाराणसी, मथुरा व कानपुर में 18 परियोजनाएं

लखनऊ, अमृत विचार। उप्र भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) की रिव्यू बैठक में लगातार अनुपस्थित रहे सात बिल्डर अपनी 18 परियोजनाएं नहीं बेच पाएंगे। न ही लेनदेन कर सकेंगे। लापरवाही व मनमानी पर प्राधिकरण ने बैंक खाते सीज करने के साथ खरीद-बिक्री पर रोक लगाने का फैसला लिया है।

लखनऊ स्थित रेरा में 15 मार्च को रियल एस्टेट परियोजनाओं की रिव्यू बैठक हुई थी। जिसमें निरस्त रियल एस्टेट परियोजनाओं के बिल्डरों को बुलाया गया था। जिसमें लखनऊ, प्रयागराज, फिरोजाबाद, वाराणसी, मथुरा व कानपुर नगर के सात बिल्डर उपस्थित नहीं हुए थे। जिनकी संबंधित शहरों में 18 परियोजनाएं हैं। सचिव राजेश कुमार त्यागी के अनुसार रिव्यू बैठक में सात बिल्डर बराबर अनुपस्थित रहे हैं।

इससे समय-समय पर की गई समीक्षा में इनकी परियोजना के पूर्ण होने की जानकारी नहीं हुई न ही सूचना दी। इस लापरवाही पर बिल्डर के बैंक खाते जल्द सीज करने का फैसला लिया गया है। साथ ही इनकी परियोजनाओं की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई जाएगी। इसके अलावा नवीन परियोजनाओं के पंजीयन पर रोक लगाई जाएगी। संबंधित अफसरों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में तकनीकी सलाहकार यूपी रेरा सुबोध राय, अवर अभियंता टीम के सदस्य अब्दुल आरिफ व आकाश श्रीवास्तव रहे।

लखनऊ समेत इन जिलों में बिल्डरों की परियोजनाएं 

बिल्डर रुद्राक्ष डेवलपर्स प्रालि. लखनऊ की परियोजना वुडलैंड पैराडाइज विला (एलआईजी), वुडलैंड पैराडाइज रुद्राक्ष कल्पतरु व वुडलैंड मोहनलालगंज। इसी तरह बिल्डर स्काइनेट इंफरवेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड प्रयागराज की परियोजना गैलेक्सी हनुमंत अपार्टमेंट्स, गैलेक्सी हाइट्स अपार्टमेंट्स व गैलेक्सी डिवाइन ब्लेसिंग्स। एसएनजी डेवलपर्स लिमिटेड फीरोजाबाद की आनंदकुंज फेज-1,2 व 3 परियोजना। वैभव विजन बिल्डर एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड वाराणसी की परियोजना वैभव ग्रैंड, वैभव ग्रैंड-2, वैभव रेसिडेंसी। आकार हाउसिंग डेवलपर्स वाराणसी की आकार हाउसिंग। आस्था इंफ्रा प्रॉजेक्ट्स, मथुरा की दो परियोजनाएं। आनंद (एसबी) आशियाना टी 2 कानपुर नगर की आनंद एसबी आशियाना टी1 व 2 परियोजनाओं पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

यह भी पढ़ें : लखनऊ : सीतापुर के विकास में लापरवाही, प्रतिकूल प्रविष्टि

संबंधित समाचार