हल्द्वानी: पूर्णागिरि हादसा - सुबह मां की मौत और रात ढलते तोड़ दिया बेटी ने दम
हल्द्वानी, अमृत विचार। मां पूर्णागिरि के दर्शन कर घर लौट रहा परिवार बीती 10 अप्रैल की रात भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गया था। घटना में घायलों का एसटीएच में इलाज चल रहा था। सुबह उपचार के दौरान पहले मां की मौत हुई और फिर रात ढलते ही बेटी ने दम तोड़ दिया। एक के बाद एक परिवार के दो सदस्यों की मौत से कोहराम मच गया। जबकि परिवार की एक बेटी अभी भी जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है।
पीतलनगर मुरादाबाद उत्तर प्रदेश निवासी राजपाल सिंह पुत्र रघुवीर सिंह, गोविंद नगर, मुरादाबाद निवासी सीमा पत्नी राजपाल सिंह, आकांक्षा पुत्री राजपाल, सोनम पुत्री राजपाल, मिनी पुत्री राजपाल, प्रदीप पुत्र सोहनलाल, संगीता पत्नी स्वर्गीय मुकेश, अंशिका पुत्री स्वर्गीय मुकेश और वाहन चालक कमला विहार, मुरादाबाद निवासी सतीश कुमार कार में सवार होकर पूर्णागिरि दर्शन के लिए गए थे। 9 अप्रैल को दर्शन के बाद 10 अप्रैल की रात सभी घर वापसी कर रहे थे कि तभी किच्छा में हल्द्वानी मार्ग पर प्राग फार्म गोकुल नगर में कार में सवार परिवार के 9 लोगों को ट्रक ने अपनी अपनी चपेट में ले लिया। घटना के बाद ट्रक चालक वाहन सहित फरार हो गया।
घायलों को पहली सीएससी किच्छा और फिर हालत नाजुक होने पर एसटीएच रेफर दिया गया। यहां बीती 11 अप्रैल की सुबह सीमा पत्नी राजपाल सिंह की मौत हो गई। जबकि इसी रात करीब साढ़े 9 बजे अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को परिजनों को सूचना दी कि सीमा की 21 वर्षीय पुत्री मिनी ने भी दम तोड़ दिया। एक ही दिन में दो मौतों ने परिवार को झकझोर कर दिया। चिकित्सक सीमा और वाहन चालक सतीश की हालत पहले से ही नाजुक बता रहे थे। अस्पताल में अभी मिनी की बड़ी बहन आकांक्षा और रिश्तेदार अंशिका का इलाज चल रहा है। मिनी मुरादाबाद में आईएसएएम से कंप्यूटर की पढ़ाई कर रही थी।
सदमा तो नहीं बना मौत की वजह
हल्द्वानी : सड़क हादसे के बाद चिकित्सकों ने सीमा और वाहन चालक सतीश की हालत बेहद नाजुक बताई थी, लेकिन माना जा रहा था कि परिवार के अन्य सदस्यों चोटों से उभर जाएंगे। हालांकि ऐसा हुआ नहीं और उपचार के दौरान घायल मिनी ने भी दम तोड़ दिया। ऐसी आशंका जाहिर की जा रही है कि संभवत: मिनी को मां की मौत की खबर मिली गई और इस सदमे को वह बर्दाश्त नहीं कर सकी।
