‘शिवनाथ सरकार-प्रणब बर्धन को अर्जुन अवार्ड न दिए जाने से हैरान नहीं’

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कोलकाता। भारतीय ब्रिज महासंघ (बीएफआई) 2018 एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता प्रणब बर्धन और शिवनाथ सरकार को अर्जुन अवार्ड न मिलने से हैरान नहीं है। उसका मानना है कि पहचान हासिल करने में उन्हें समय लगेगा। बीएफआई ने सरकार और बर्धन को अर्जुन अवार्ड के लिए नामांकित किया था लेकिन इन दोनों का नाम …

कोलकाता। भारतीय ब्रिज महासंघ (बीएफआई) 2018 एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता प्रणब बर्धन और शिवनाथ सरकार को अर्जुन अवार्ड न मिलने से हैरान नहीं है। उसका मानना है कि पहचान हासिल करने में उन्हें समय लगेगा। बीएफआई ने सरकार और बर्धन को अर्जुन अवार्ड के लिए नामांकित किया था लेकिन इन दोनों का नाम खेल मंत्रालय द्वारा जारी की गई 27 खिलाड़ियों की अंतिम सूची में नहीं था।

इस बार राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों की काफी आलोचना की गई है और कई लोगों ने सवाल किए हैं कि किस आधार पर यह पुरस्कार दिए गए हैं। महिला टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा को 2018 में उनके राष्ट्रमंडल खेल और एशियाई खेल के प्रदर्शन के बूते खेल के सर्वोच्च सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड के लिए चुना गया है।

2018 के बाद से मनिका के खेल में लगातार गिरावट आती रही है और वह विश्व रैंकिंग में भी 63वें स्थान पर पहुंच गई हैं। बीएफआई के महासचिव आनंद (केएस) सामंत से जब सरकार और बर्धन को पुरस्कार न दिए जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने आईएएनएस से कहा, “एक प्रक्रिया है कि खिलाड़ी का चार साल का प्रदर्शन देखा जाता है न की एक साल का।”

उन्होंने कहा, “दुर्भाग्यवश सरकार और बर्धन ने एशियाई खेल-2018 में जीते स्वर्ण के बाद से कुछ और नहीं जीता है और ईमानदारी से कहूं तो कोविड-19 महामारी ने भी बड़ा रोल निभाया है।” सामंत ने कहा कि वह खेल पुरस्कारों के लिए खिलाड़ियों के नाम भेजने की प्रक्रिया शुरू करना चाहते थे लेकिन कहीं न कहीं वो जानते थे कि इस बार उन्हें अर्जुन अवार्ड नहीं मिलेगा।

उन्होंने कहा, “हमें ज्यादा उम्मीदें नहीं थीं। हम एक शुरुआत करना चाहते थे। हम अगले साल फिर इन दोनों के लिए नामांकन भेजेंगे। मुझे उम्मीद है कि तब तक यह दोनों अच्छे खासे अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में खेलेंगे और अपने नामांकन को मजबूत करेंगे। यह पहली बार था कि ब्रिज खेल के खिलाड़ियों का नामांकन खेल पुरस्कारों के लिए भेजा गया था।”

इस खेल को 2018 एशियाई खेलों में पहली बार शामिल किया गया था। कोलकाता के रहने वाले दोनों खिलाड़ी उम्मीद कर रहे थे कि उनका स्वर्ण पदक उन्हें अवार्ड दिला देगा। यह खेल राष्ट्रमंडल और ओलम्पिक खेलों में शामिल नहीं किया जाता। विश्व ब्रिज महासंघ को हालांकि अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति से मान्यता प्राप्त है।

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