अल्मोड़ा: पर्वतीय क्षेत्रों में जमकर बरसे मेघ, ठंड ने कराया एहसास, देखिए कहां कितनी हुई बारिश

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Edited By Amrit Vichar
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अल्मोड़ा, अमृत विचार। मंगलवार को भी पर्वतीय जिलों में मौसम का मिजाज बदला-बदला सा रहा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार को भी सुबह से आसमान में घने काले बादल छाए रहे। दोपहर बाद पूरे जिले में बारिश शुरू हो गयी, जो देर शाम तक जारी रहा। 

मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार सोमवार को जिले भर में जमकर बारिश हुई। जबकि कहीं कहीं ओलावृष्टि भी हुई। मंगलवार को भी मौसम का हाल कुछ ऐसा ही रहा। सुबह के समय बारिश ना होने से लोगों ने थोड़ा राहत महसूस की और अपने जरूरी काम निपटाने के लिए घरों से बाहर निकले।

लेकिन दोपहर बाद मेघ फिर से बरसने लगे। बारिश के कारण ठंड का अहसास होने लगा और लोगों ने गर्म कपड़े बाहर निकाल लिए। बारिश के चलते दोपहर बाद जिला मुख्यालय समेत छोटे छोटे कस्बों में भी जनजीवन प्रभावित रहा। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार पर्वतीय जिलों में अभी एक दो दिन मौसम और ठंडा रह सकता है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 15 और न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री रिकार्ड किया गया।  

कहां कितनी बारिश 
अल्मोड़ा = 26.6 एमएम
रानीखेत = 13.0 एमएम
द्वाराहाट = 37.0 एमएम
चौखुटिया = 9.0 एमएम
सोमेश्वर = 14.4 एमएम
भिकियासैंण : 1.0 एमएम
जागेश्वर = 21.0 एमएम
ताकुला - 21.0 एमएम
भैंसियाछाना = 17.0 एमएम
सल्ट = 25.0 एमएम
शीतलाखेत = 22.0 एमएम
मासी =9.0 एमएम

जल स्तर
कोसी = 1132.20 मीटर 
रामगंगा= 923.50 मीटर 

बेमौसमी बारिश से फसल को नुकसान                                       
बैरती।  गेवाड़घाटी क्षेत्र में भी बेमौसमी बारिश से गेहूं की तैयार फसल को काफी नुकसान हुआ है। फसल की कटाई के बाद गेहूं खेतों में ही सड़कर बर्बाद हो रहा है। क्षेत्र के घुंघोली के प्रमुख काश्तकार नारायण दत्त तिवारी ने बताया कि इस बेमौसमी बारिश से उनके  खेतों में  गेहूं की तैयार हुई फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई।

कृषि विभाग से बीज लेकर उन्होंने फसल का बीमा भी करवाया था, उन्होंने विभाग से मौका मुआयना कर उन्हें वर्बाद हो चुकी फसल का उचित मुआवजा दिलाये जाने की मांग की है, उधर बारिश से महाकालेश्वर, अखोडि़या- नौगांव, मेहलचौंरा, ककनर- उलैनी, सदीगांव तथा पान- बैरती इलाकों में भी गेहूं की तैयार फसल को  नुकसान पहुंचा है, काश्तकार देवीदत्त, राजेन्द्र सिंह भंडारी, बचीराम, बिशनराम, कुन्दन बिष्ट, जीवन अधिकारी आदि के अलावा अखोड़िया- नौगांव के तमाम काश्तकारों ने भी उनकी गेहूं की तैयार फसल के नुकसान की जानकारी दी है।

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