रामनगर: अब रामनगर की लीची नहीं जनाब गोला गुलाब लीची बोलिए...
रामनगर, अमृत विचार। दार्जिलिंग की चाय, बनारस की साड़ी, लखनऊ की रेवड़ी मलीहाबाद के आम की तरह जल्द ही। रामनगर की लीची भी जीआई टैग युक्त हों जायेंगी। रामनगर लीची उत्पादक संघ के सचिव दीप बेलबाल ने बताया कि भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय के अधीन कार्य करने वाले जनरल आफ पेटेंट डिजाइन और ट्रैड मार्क मे रामनगर की लीची को जीआई टैग मिलने की प्रक्रिया अंतिम चरण मे है।
बेलबाल ने बताया कि अन्य क्षेत्रों में पैदा होने वाली लीची को देश व विदेश मे रामनगर की लीची बताकर बेचा जाता है। रामनगर की लीची की गुणवत्ता को बनाये रखने के लिये जीआई टैग के लिये आवेदन किया गया है जिसके तहत देहरादून के किसान भवन मे ट्रैड मार्क के महानिदेशक प्रो. उन्नत पंडित व नैनीताल के जिला उद्यान अधिकारी आरके सिंह के साथ रामनगर लीची संघ के पदाधिकारियो की बैठक मे गहन शोध व कागजी कार्यवाही के बाद रामनगर की लीची को गोला गुलाब का जीआई टैग मिलने की सम्भावनाये बनी है।
उन्होंने बताया कि इसका सीधा लाभ यहां के लीची व लीची उत्पादको को मिलेंगा तथा इससे लीची की उन्नति के क्षेत्र मे नये आयाम स्थापित होगे। बता दे जिस तरह जिम कार्बेट नेशनल पार्क की वजह से रामनगर की अपनी अलग ही पहचान है। उसी तरह मगर फल उत्पादन के क्षेत्र मे रामनगर की लीची व आम दुनियाॅ भर मे प्रसिद्व है। जीआई टैग मिल जाने से इसकी प्रसिद्धि ओर बढ़ेगी जो लीची उत्पादको की प्रगति की ओर ले जाएगी।
