Haldwani News : 6 साल बाद भी धरातल पर नहीं उतरा कुमाऊं के पहले सरकारी ड्राइविंग स्कूल का प्रस्ताव
हल्द्वानी, अमृत विचार। कुमाऊं के पहले ड्राइविंग स्कूल का प्रस्ताव पिछले 6 सालों से अटका पड़ा है। 2017 में कुमाऊं के पहले ड्राइविंग स्कूल का प्रस्ताव बना था लेकिन आज तक यह आगे नहीं बढ़ पाया है। आरटीओ संदीप सैनी ने बताया कि बीते मार्च में परिवहन सचिव अरविंद सिंह हयांकी ने आरटीओ कार्यालय का दौरा किया था।
इस दौरान कार्यालय के आधुनिकीकरण के साथ ही ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनाने पर चर्चा हुई थी और डिजायन बनाकर प्रस्ताव भेजने को कहा था। उन्होंने बताया कि पहले ड्राइविंग स्कूल कार्यालय के पास बनाने का प्रस्ताव था लेकिन पर्याप्त जमीन उपलब्ध न होने के कारण यह संभव नहीं हो पाया।
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कुमाऊं में एक भी सरकारी ड्राइविंग स्कूल नहीं होने से लोगों को प्राइवेट ड्राइविंग स्कूल से 5 - 6 हजार रुपए खर्च करके ट्रेनिंग लेनी पड़ती है। सरकारी ड्राइविंग स्कूल बनने से लोगों को लाइसेंस बनाने के लिए आरटीओ कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने होंगे और ड्राइविंग स्कूल से ट्रेनिंग लेने के बाद लाइसेंस बन जाएगा।
6 साल पहले की इस घोषणा के अंतर्गत मोटर ड्राइविंग स्कूल, ड्राइविंग ट्रैक और वाहनों की फिटनेस जांच के लिए स्वचालित जांच लाइन का निर्माण होना था। जल्द ही इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू होने के दावे किए गए थे लेकिन 6 साल बाद भी यह प्रस्ताव अधर में लटका हुआ है।
आरटीओ संदीप सैनी का कहना है कि यह योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में है और इस पर कोई काम नहीं हो रहा है। इस स्कूल के बनने से लर्निंग लाइसेंस बनवाने वाले आवेदकों का स्कूल में भौतिक रूप से टेस्ट लिया जाना था। वहीं, वाहनों की फिटनेस भी होनी थी जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ होती।
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