मांडविया ने की आयुष को मुख्यधारा जन स्वास्थ्य देखभाल आपूर्ति में एकीकृत करने की मांग

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नई दिल्ली। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि आयुष को मुख्यधारा जन स्वास्थ्य देखभाल आपूर्ति में एकीकृत किया जाना चाहिए क्योंकि यह पारंपरिक औषधि तथा स्वास्थ्य देखभाल की आयुष प्रणाली के लाभों को जोड़ कर मरीज देखभाल में अधिक समग्र दृष्टिकोण पेश कर सकता है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने राष्ट्रीय आयुष मिशन सम्मेलन के उद्घाटन के दौरान कहा, भारत एकीकृत स्वास्थ्य नीति के जरिए अपनी स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं को काफी मजबूत कर रहा है और इससे न सिर्फ देश को लाभ होगा बल्कि पूरी दुनिया को इसका फायदा होगा। 

इस कार्यक्रम के दौरान सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी पहल (एएचएमआईएस) की भी शुरुआत की गई। उन्होंने केन्द्र सरकार के अस्पतालों में आयुष प्रणाली के एकीकरण की सराहना की और कहा कि वर्तमान के स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली को पूरी तरह से सक्षम बनाने के लिए  आयुष मुख्यधारा जन स्वास्थ्य देखभाल आपूर्ति में एकीकृत किया जाना जरूरी है क्योंकि यह पारंपरिक औषधि तथा स्वास्थ्य देखभाल की आयुष प्रणाली के लाभों को जोड़ कर मरीज देखभाल में अधिक समग्र दृष्टिकोण पेश कर सकता है। उन्होंने आयुर्वेद तथा अन्य पारंपरिक सिद्धांतों के महत्व और प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए कहा, पारंपरिक चिकित्सा की भारत की विरासत स्वास्थ्य के प्रति एक समग्र दृष्टिकोण की वकालत करती है और इसे अपनाती भी है। 

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