पीलीभीत: लेखपाल बोले- वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस का नहीं मिलता सहयोग..जानिए पूरा मामला

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पीलीभीत, अमृत विचार। तहसील सदर के लेखपाल संघ ने बुधवार को आकस्मिक बैठक बुलाई। जिसमें आये दिन हो रहे लेखपालों के साथ  विवाद व झगड़ों में उच्चधिकारीयों व  पुलिस प्रशासन का सहयोग न मिलने की बात कही।  इसे लेकर लेखपालों ने रोष भी जताया। 

उनका कहना था कि वर्तमान तहसीलदार, नायब तहसीलदार द्वारा लेखपालों पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। लेखपाल ग्रामीण क्षेत्र का एक जिम्मेदार कर्मचारी है। जिसे अपने विभाग के कार्यों के साथ-साथ अन्य विभागों के कार्य भी करने पड़ते हैं। तहसील सदर में लेखपालों की संख्या  बहुत कम है। एक एक लेखपाल के पास तीन से चार क्षेत्र दिये गए है। कार्य की अधिकता व अत्यधिक बोझ होने से लेखपाल कहीं न कहीं शारीरिक व मानसिक रूप से भी पीड़ित है। लेखपालों के कई निजी सेवा सम्बन्धी कार्य लंबित है। कई बार तहसीलदार को अवगत कराने के बाद भी कोई निस्तारण नहीं कराया गया। इसको लेकर तहसील सदर के लेखपालों  में रोष है। कार्य बहिष्कार व विरोध करने पर रणनीति बलनाई। 

बैठक की अध्यक्षता तहसील अध्यक्ष कृष्ण मुरारी, संचालन तहसील मंत्री वीरेंद्र  कुमार ने किया। इस मौके पर अनवर अली, जितेंद्र कश्यप, शैलेन्द्र गंगवार, राम प्रकाश,अरुण, धीरज देवल, पुष्पा यादव, वीनस राजपूत, शिल्पी गंगवार, रामस्वरूप, प्रतिमा, दीपिका वर्मा आदि मौजूद रहे।

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