बाजपुर: आरोपी के मेडिकल परीक्षण को लेकर पुलिस व डॉक्टर में नोकझोंक 

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Edited By Amrit Vichar
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बाजपुर, अमृत विचार। पुलिस कस्टडी में मेडिकल परीक्षण को सीएचसी लाए गए आरोपी को रेफर करने की बात को लेकर महिला चिकित्सक व एसओ केलाखेड़ा के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। सूचना पर पहुंचे सीओ भूपेंद्र सिंह भंडारी ने समझाने व प्रभारी चिकित्साधिकारी के हस्तक्षेप के बाद चिकित्सक ने मेडिकल बनाकर देने पर मामला शांत हुआ।

किसी भी मामले में गिफ्तार किए गए व्यक्ति को कोर्ट में पेश करने से पहले पुलिस को उसका मेडिकल परीक्षण करवाना होता है। जिसके चलते सोमवार को केलाखेड़ा पुलिस धारा 307 के आरोपी को सरकारी अस्पताल लेकर पहुंची और ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक से उसका मेडिकल बनाने का अनुरोध किया गया।

बताया जाता है कि चिकित्सक ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा उसके द्वारा दाड़ में दर्द होने की बात कहने पर उसे डेंटल विभाग में भेजने की बात कही। जिस पर उनमें बहसबाजी हो गई। जिसके चलते पुलिस कर्मी ने उच्चाधिकरियों को मामले से अवगत करवा दिया।

जिसके चलते कुछ देर में एसओ केलाखेड़ा ललित मोहन रावल सरकारी अस्पताल पहुंच गए और सीआरपीसी का हवाला देते हुए आरोपी व्यक्ति के शरीर पर किसी तरह की कोई खुली या गुम चोट नहीं होने के बावजूद रेफर करने का कारण जानना चाहा।

इस पर चिकित्सक ने मरीज द्वारा अपनी दाड़ में दर्द बताने की जानकारी दी और इसी को बेस बनाकर उपचार की सलाह दी, लेकिन एसओ का कहना था कि गिरफ्तार आरोपी के दाड़ दर्द का उपचार पहले से ही किसी दूसरे चिकित्सक से चल रहा है। हमें केवल यह परीक्षण कर मेडिकल बनाकर दे दीजिए कि पुलिस कस्टडी में अस्पताल लाए गए व्यक्ति के शरीर पर किसी तरह के मारपीट इत्यादि के निशान हैं या नहीं।

इसको लेकर महिला चिकित्सक व एसओ के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। इसी बीच सीओ बाजपुर भूपेंद्र सिंह भंडारी व प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.पीडी गुप्ता भी इमरजेंसी कक्ष में पहुंच गए जिन्होंने दोनों को समझा-बुझाकर शांत किया और पूरे मामले की जानकारी हासिल की। बाद में चिकित्सक द्वारा मेडिकल बनाकर दे दिया गया।  

चिकित्सक को पुलिस कस्टडी में अस्पताल पहुंचे मुल्जिम के शरीर का बाह्य मेडिकल परीक्षण करके उसकी रिपोर्ट देनी होती है। उन्होंने अस्पताल पहुंचकर इस बारे में चिकित्साधिकारी से बात की तो उन्हें समझ में आ गया। जिसके बाद मेडिकल रिपोर्ट बनाकर दे दी गई है। 
- भूपेंद्र सिंह भंडारी-सीओ बाजपुर।

पुलिस कर्मी आरोपी को लेकर सरकारी अस्पताल आया था। मरीज ने उसकी दाड़ में दर्द होने की शिकायत की तो चिकित्सक ने उसे डेंटल चिकित्सक को दिखाने की सलाह दी। इसको लेकर पुलिस कर्मी चिकित्सक से अव्यवहारिक बर्ताव करने लगा। फिलहाल मेडिकल बनाकर दे दिया गया है। 
- डॉ.पीडी गुप्ता-प्रभारी चिकित्साधिकारी बाजपुर।

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