हल्द्वानी: गौलापार में अवैध कॉलोनियों और प्लॉटिंग पर चलेगा प्राधिकरण का डंडा

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। गौलापार में प्लॉट की खरीद फरोख्त करने वाले सावधान। यदि कृषि भूमि का उपयोग बदले बिना ही प्लॉट का सौदा होता है तो इस पर जिला विकास प्राधिकरण का डंडा चलेगा। 

डीएम वंदना सिंह को शिकायत मिली थी कि गौलापार में धड़ल्ले से अवैध प्लॉटिंग व अवैध कॉलोनियों बसाई जा रही हैं। इस पर डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह को जांच के निर्देश दिए थे। साथ ही पिछले दो सालों में हुई रजिस्ट्रियों के भी जांच के निर्देश दिए थे।

इधर, डीएम के निर्देश के बाद प्राधिकरण सख्त हो गया है। गौलापार में चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। सिर्फ  अवैध कॉलोनियों नहीं बल्कि भूस्वामी द्वारा सीधे प्लॉट बेचे जाने पर ही निगाह रखी जा रही है। प्राधिकरण के अनुसार यदि कोई प्लॉट बेचा जाता है तो उसका भूमि उपयोग बदलना अनिवार्य है अर्थात कृषि भूमि को आवासीय भूमि में बदलना होगा।

यदि भू उपयोग बदले बिना ही प्लॉट की खरीद फरोख्त होती है तो यह भी अवैध होगा। इसके बाद गौलापार में सुनियोजित विकास के लिए आवासीय कॉलोनी के लिए भी नक्शा स्वीकृत कराना अनिवार्य है। बता दें कि हाईकोर्ट के गौलापार में शिफ्ट होने के बाद एकाएक बसासत बढ़ी है और भूमि के दामों में तेजी के साथ ही खरीद फरोख्त भी बढ़ी है। 

छह गांवों में प्राधिकरण फिर है विनियमित क्षेत्र
गौलापार के 6 गांवों में जिला विकास प्राधिकरण लागू होता है, बाकी गांव विनियमित क्षेत्र के दायरे में आते हैं। यहां रेरा के मानकों का पालन करना अनिवार्य है हालांकि ऐसा होता नहीं है। इसलिए अब जिला प्रशासन रेरा को कार्रवाई के लिए पत्र लिखने की तैयारी में है।


गौलापार में अवैध प्लॉटिंग व कॉलोनी रोकने के लिए विशेष निगरानी की जा रही है। जनता से अपील है कि प्लॉट तभी ले जब उसका भू उपयोग परिवर्तित हो चुका हो। बिना लैंड यूज बदले जमीन लेने पर खरीदार-विक्रेता दोनों को परेशानी हो सकती है।
- ऋचा सिंह, संयुक्त सचिव/सिटी मजिस्ट्रेट 

 

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