Nainital News: बलियानाला आपदा प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने विस्थापन से किया मना, 80 परिवार होने हैं विस्थापित

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Edited By Amrit Vichar
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गौरव जोशी, अमृत विचार, नैनीताल। 80 के दशक से बलियानाला क्षेत्र में हो रहे भूस्खलन के स्थाई निर्माण को लेकर राज्य सरकार अब गंभीर हो चली है। बलियानाले के स्थाई उपचार को लेकर राज्य सरकार ने करीब 202 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। इसको लेकर सिंचाई विभाग पुणे की कंपनी जेंट्स टू के माध्यम से डीपीआर बनाई है। डीपीआर के आधार पर बलियानाले का दो चरण में काम किया जाना है। 

प्रथम चरण में बलियानाले के हरिनगर क्षेत्र में रह रहे लोगों को विस्थापित किया जाना है। लेकिन क्षेत्रीय लोगों ने विस्थापन का विरोध करना शुरू कर दिया है। क्षेत्रीय सभासद रेखा आर्य का कहना है किसी भी स्थिति में लोग यहां से विस्थापित नहीं होंगे। सभी लोगों ने अपनी जिंदगी भर की कमाई से अपने घर आशियाने क्षेत्र में बनाए। जिनको अब प्रशासन के द्वारा विस्थापित किए जाने की बात कही जा रही है। 

सभी लोग नैनीताल में मजदूरी व अन्य व्यवसाय कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। प्रशासन के द्वारा ज्योलीकोट और ताकुला क्षेत्र में भूमि का चयन किया है ऐसे में वहां से रोजाना रोजगार के लिए नैनीताल आना संभव नहीं है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात का मौसम आते ही प्रशासन यहां रहने वाले लोगों को विस्थापित करने के नाम पर स्कूलों और किराए के कमरों में भेज देते हैं। बरसात का मौसम खत्म होते ही उनको भूल जाते हैं। हरिनगर,रईस होटल आपदा प्रभावित क्षेत्र में करीब 400 से अधिक परिवार रहते थे। जिनमें से प्रशासन ने कुछ परिवारों को दुर्गापुर में विस्थापित कर दिया। कुछ परिवार खुद यहां से खतरे को देखते हुए पलायन कर चले गए।

नैनीताल की जिलाधिकारी वंदना सिंह ने बताया कि बलियानाला के स्थाई उपचार और प्रभावितों के विस्थापन को लेकर सिंचाई विभाग ने डीपीआर बनाकर शासन को भेजी है। शासन स्तर पर बजट की सैद्धांतिक स्वीकृति हो गई है। जल्द ही आपदा प्रभावित क्षेत्र के लोगों को विस्थापित करने की कार्रवाई होगी।

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