लखीमपुर-खीरी: नए वर्जन से नहीं मिल पा रहा गश्त का डाटा, वन कर्मियों को हो रही दिक्कत
दुधवा पार्क प्रशासन अब मानसून गश्त के लिए माई ट्रैक पर दे रहा जोर कार्यालय संवाददाता, लखीमपुर-खीरी।
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। दुधवा पार्क प्रशासन मानसून गस्त को लेकर काफी सतर्क है, लेकिन गस्त रिकॉर्ड करने वाला स्ट्राइप डाटा एप का नया वर्जन उसके लिए मुसीबत बना हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक पुराने मोबाइल पर नया वर्जन लोड नहीं हो पा रहा है। इससे मानसून गस्त का डाटा नहीं मिल पा रहा है। अब अधिकारियों ने एम स्ट्राइप के विकल्प के रूप में माई ट्रैक एप को चुना है। इस एप को चलाने के लिए वन कर्मियों को प्रशिक्षित भी किया जा रहा है।
मानसून के दिनों में दुधवा नेशनल पार्क के वन्य जीवों पर शिकारियों की नजर रहती है। पानी आदि भरने के कारण वन्य जीव ऊंचे स्थानों पर शरण ले लेते हैं। इससे उनका शिकार होने की संभावना अधिक बढ़ जाती है। वन्य जीवों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पार्क प्रशासन मानसून पेट्रोलिंग करता है।
पार्क के अधिकारियों के मुताबिक मानसून गस्त का डाटा सुरक्षित रखने के लिए जारी किया गया एम स्ट्राइप एप का पुराना वर्जन मोबाइल में लोड करने और संचालित करने में काफी आसान था, लेकिन डब्ल्यूआईआई ने एम स्ट्राइप का नया वर्जन लांच कर दिया है। यह वर्जन अधिकांश वनकर्मियों के मोबाइल में लोड नहीं हो रहा है।
इससे पार्क अधिकारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एम स्ट्राइप का डाटा रिकॉर्ड न होने से या पता नहीं चल पा रहा है कि कर्मियों ने कहां पर और कितनी गस्त की है। अधिकारी भी वन कर्मियों की मॉनिटरिंग नहीं कर पा रहे हैं। दुधवा अधिकारियों ने डब्ल्यूआईआई को पत्र लिखकर इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन नया वर्जन वापस नहीं लिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि एम स्ट्राइप के पुराने वर्जन का अनुबंध भी समाप्त हो चुका है। अब दुधवा के अधिकारी माई ट्रैक एप को विकल्प के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मानसून पेट्रोलिंग के लिए माई ट्रैक एप काफी आसान है, जो कर्मियों के मोबाइल में लोड हो जा रहा है। मौजूदा समय में दुधवा के बफर जोन का 35 प्रतिशत इलाका जल ग्रस्त है। यहां पर हाथियों, ट्रैक्टर और ड्रोन से गश्त की जा रही है।
माई ट्रैक एप को विकल्प के रूप में चुना गया है। फिलहाल वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सबसे ज्यादा फोकस कोर जोन से लेकर बफर जोन में गस्त पर की जा रही है---ललित वर्मा फील्ड डायरेक्टर, दुधवा नेशनल पार्क।
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