हल्द्वानी: नेपाल नहीं, पश्चिम बंगाल में डाला है माही ने डेरा

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Edited By Amrit Vichar
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माही उर्फ डॉली संग फरार नौकरानी ऊषा देवी का है पश्चिम बंगाल से बड़ा कनेक्शन

हल्द्वानी, अमृत विचार। तमाम गहरे राज से भरी डॉली उर्फ माही की जिंदगी के किस्से अब एक-एक कर बाहर आ रहे हैं। पूरे मामले में अब माही की नौकरानी ऊषा देवी का पश्चिम बंगाल से तगड़ा कनेक्शन सामने आ रहा है और माना जा रहा है कि गैर हिंदी भाषी राज्य पश्चिम बंगाल माही और उसके साथियों के छिपने के लिए मुफीद डेरा बन चुका है। फिलहाल तो पुलिस के हाथ इस मामले में पूरी तरह से खाली नजर आ रहे हैं। 
   

युवा व्यवसायी अंकित हत्याकांड की मास्टर माइंड डॉली उर्फ माही ऊर्फ क्रिस्टियानो बीती 14 जुलाई से अपने नये प्रेमी दीप कांडपाल, नौकरानी ऊषा देवी, ऊषा देवी के पति रामऔतार व अपनी दो बिल्लियों के साथ फरार है। पांचवा हत्यारोपी सपेरा रमेशनाथ गिरफ्तार किया जा चुका है।

अंकित की हत्या के बाद लाश को उसी की कार में तीनपानी क्रांसिंग के पास छोड़ कर पांचों आरोपी दिल्ली गए। 15 जुलाई की रात दिल्ली में गुजारने के बाद 16 जुलाई को सभी पुराना बस अड्डा बरेली पहुंचे और सपेरे को वहां छोड़कर सभी पीलीभीत चले गए। पीलीभीत में नौकरानी ऊषा देवी का घर बताया गया और यहां से सभी लापता हो गए। बाद में सपेरा भोजीपुरा बरेली से गिरफ्तार किया गया। 
   

इधर, पुलिस की टीम और एसओजी नेपाल बॉर्डर, एनसीआर दिल्ली और पीलीभीत में डेरा डाल चुकी थी, लेकिन 7 दिन गुजर जाने के बाद भी हाथ कुछ नहीं आया। इधर, हरिपुर शिवदत्त से एक और खबर सामने आ गई। यहां की कालोनी में ऊषा अपने दो बच्चों व पति रामऔतार के साथ रहती थी।

सूत्रों का कहना है कि ऊषा एक साल पहले न सिर्फ माही के संपर्क में आई बल्कि हरिपुर शिवदत्त में उसने अपना घर भी बना लिया। पता लगा कि पीलीभीत में रामऔतार का घर है और रामऔतार, ऊषा को भगा कर लाया था। पता यह भी लगा कि ऊषा बंगाली है और उसके पश्चिम बंगाल में गहरे संपर्क हैं और शक है कि सभी पश्चिम बंगाल में ही छिपे हैं। 


न कोई हिंदी चैनल देखता है और न पढ़ता है अखबार
हल्द्वानी : पश्चिम बंगाल बंगाली भाषा बाहुल्य वाला राज्य है। यहां हिंदी भाषी बेहद कम है। यहां न तो हिंदी अखबार पढ़ने वाले ज्यादा हैं और न ही हिंदी चैनल देखने वाले। ऐसे में माही और उसके साथियों की करतूत की खबर पश्चिम बंगाल में कम लोगों को होगी और यही वजह है कि माही और उसके साथियों के लिए पश्चिम बंगाल छिपने का अच्छा अड्डा है। इस बात की आशंका को ज्यादा बल ऊषा के बंगाली होने और उसके तार पश्चिम बंगाल से जुड़े होने से है। 

अपना ही नहीं, नौकरानी का भी घर माही ने बनाया
हल्द्वानी : बेरोजगार माही के पास शांतिनगर में लाखों रुपये कीमत का घर है। यह घर माही के किसी एक चाहने वाले नहीं बल्कि कई लोगों की कमाई से बना है। इस बीच एक और बड़ी बात सामने आई कि माही के घर में नौकरानी का काम करने वाली ऊषा देवी का मकान भी माही ने ही बनवाया था और वो भी अपने एक चाहने वाले की मदद से। उसने हरिपुर शिवदत्त की कच्ची जमीन पर ऊषा और उसके परिवार के लिए घर बनवाया। 

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